हरदोई। पिछले कुछ वर्षों में कैंसर की भयावहता के बीच जनपद में भी आंकड़े चौकाने वाले हैं।
जनपद की हर सौ महिला में से एक को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा है। न सिर्फ खतरा है बल्कि स्क्रीनिंग के दौरान इसके संकेत भी मिले हैं। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के आंकड़े इसकी गंभीरता बताते हैं। सिर्फ ब्रेस्ट कैंसर ही नहीं सर्वाइकल कैंसर को लेकर भी बेहद सावधान रहने की महिलाओं को जरूरत है।
बीती एक अप्रैल से आठ अक्तूबर के बीच उपकेंद्रों से लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए गए थे। बाद में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान शुरू हुआ तो इसमें महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण पर भी जोर दिया गया। महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के आंकड़े गंभीर हैं और अभी से न सिर्फ जागरूक बल्कि सतर्क रहने की भी जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर के लिए 1,21,786 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। इनमें से 1009 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण मिले हैं। कुछ इसी तरह सर्वाइकल कैंसर के लिए 1,16,921 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इनमें 1029 में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण मिले। दोनाें ही मामलों के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रत्येक सौ महिलाओं में एक को ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की समस्या है।
इतनों में हो गई पुष्टि भी
डिप्टी सीएमओ डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर के 1029 मामले ऐसे थे जिनमें बीमारी की आशंका थी। इनका स्वास्थ्य परीक्षण सीएचसी से आगे कराया जा रहा है। फिलहाल 25 में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि हुई है। इसी तरह ब्रेस्ट कैंसर के भी मामलों में फिलहाल 15 मरीजों में कैंसर की पुष्टि हुई है।
यह बात सही है कि स्तन और सर्वाइकल कैंसर के मरीज बढ़े हैं लेकिन यह लाइलाज नहीं हैं। शुरूआती दौर में ही पता लगने पर इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। महिलाओं को इसके लिए सतर्कता बरतनी चाहिए। त्वचा में कोई दलाव, कोई गांठ आदि दिखने पर घबराने की जगह चिकित्सक से सलाह लें। जितनी जल्दी पीड़ित चिकित्सक के पास पहुंचेगा उतनी जल्दी शुरूआत में ही रोग पर रोक लगेगी। -डॉ. सुप्रिया तिवारी, सहायक आचार्य, सर्जरी विभाग, मेडिकल कॉलेज