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Hardoi News: तेज बारिश में नहीं दिखी सामने से आती कार, बाइक टकराई, युवक की मां और बहनोई के साथ मौत

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फोटो-30-सुहेल। फाइल फोटो - फोटो : सांकेतिक
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हरदोई। तेज बारिश के दौरान सवायजपुर मार्ग पर समुदा के पास मां और बहनोई को बाइक से ले जा रहा युवक सामने से आ रही कार से टकरा गया। घटना में बाइक सवार साले बहनाेई की मौके पर ही मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज में महिला को भी मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद चालक कार मौके पर छोड़कर भाग निकला।
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लाेनार कोतवाली क्षेत्र के भुवनपुरवा निवासी सुहेल (25) नोएडा में एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करते थे। लोनार कोतवाली क्षेत्र के रामापुर छैया निवासी सुहेल के बहनोई रमेश उर्फ त्रिपाठी (32) भी नोएडा में उनके साथ ही काम करते थे। सुहेल की बहन और रमेश की पत्नी कामिनी को गर्भवती होने के कारण परिजन ने मेडिकल कॉलेज हरदोई में भर्ती कराया था। यहां शनिवार दोपहर बाद ऑपरेशन से प्रसव होना था। इस कारण सुहेल और रमेश शुक्रवार रात नोएडा से भुवनपुरवा आ गए थे।
शनिवार दोपहर सुहेल अपनी मां विद्यावती उर्फ गुड्डी (49) और बहनोई रमेश के साथ बाइक से हरदोई मेडिकल कॉलेज जा रहे थे। बाइक सुहेल चला रहे थे। शहर कोतवाली क्षेत्र के समुदा के पास तेज बारिश के कारण सामने से आ रही कार से सुहेल बाइक समेत टकरा गए। घटना में सुहेल और रमेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि विद्यावती को मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित कर दिया गया। घटना का पता चलते ही परिजन में कोहराम मच गया। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। कार पुलिस के कब्जे में है। पंजीकरण संख्या के आधार पर चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। परिजन से शिकायत लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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खुशखबरी का था इंतजार, फोन पर मिला दुखद समाचार
विद्यावती के पति और सुहेल के पिता सर्वेश बावन कस्बे के मुख्य चौराहे पर साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते हैं। इसी दुकान में फाेटो कॉपी की मशीन और प्रिंटर भी लगा रखा है। कामिनी के एक बेटी पहले से है। सुहेल, विद्यावती और रमेश को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना कर सर्वेश सुखद समाचार का इंतजार कर रहा था। दुकान पर बैठकर भी उसके कान और निगाहें मोबाइल पर ही थीं। प्रसव की सूचना मिलते ही सर्वेश को भी मेडिकल कॉलेज जाना था। मोबाइल की घंटी तो बजी लेकिन कोई खुशबरी नहीं बल्कि हादसे की सूचना मिली। इसका पता चलते ही सर्वेश मौके के लिए बदहवास होकर रवाना हो गया। कामिनी की दोनों छोटी बहनें आरती और शालू मेडिकल कॉलेज में उनकी देखरेख में ही थीं और उन्हें हादसे का पता चला तो संभालना मुश्किल हो गया।


डेढ़ साल पहले बड़े बेटे की भी हुई थी मौत
पत्नी, बेटे और दामाद की मौत की जानकारी पर सर्वेश बदहवास हो गया। सर्वेश के परिवार में पांच बच्चे थे। इनमें दो बेटे रुकमांगद उर्फ कटियार व सुहेल के साथ ही तीन बेटियां कामिनी, आरती और शालू थीं। रुकमांगद की मौत भी डेढ़ साल पहले हार्ट अटैक के कारण हो गई थी। अभी परिवार वाले उस घटना से ठीक से उबर भी नहीं पाए थे कि अब हुए हादसे ने सर्वेश को बिल्कुल तोड़ दिया।

फोटो-30-सुहेल। फाइल फोटो- फोटो : सांकेतिक

फोटो-30-सुहेल। फाइल फोटो- फोटो : सांकेतिक

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