हरदोई। कारगिल विजय दिवस पर इस बार 24 जुलाई को समारोह होगा। कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया जाएगा। कारगिल विजय के संबंध में आमजन को जानकारी देने और लोगों में देशभक्ति की भावना को जागृत किए जाने के लिए बाइक रैली भी जिले में आएगी। बाइक रैली सीतापुर से जिले में प्रवेश करेगी और लखनऊ रोड से होते हुए जाएगी।
कारगिल विजय दिवस का आयोजन इस बार मुख्य मध्य कमान लखनऊ की तरफ से जिले में किया जाएगा। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने आने की सहमति भी दी है। जिला सैनिक कल्याण और पुनर्वास अधिकारी कर्नल ओपी मिश्रा ने बताया कि इस साल कारगिल विजय दिवस का मुख्य आयोजन 26 जुलाई को लखनऊ सेना मुख्यालय पर होगा। इसके चलते 24 जुलाई को जिले में कार्यक्रम हैं।
बताया कि कारगिल युद्ध में शामिल रहे जिले के 35 पूर्व सैनिकों के साथ ही अन्य युद्ध के बलिदानी सैनिकों की 20 वीर नारियों को सम्मानित किया जाएगा। कारगिल युद्ध में पाली कस्बा निवासी लांसनायक आबिद खान सेना मेडल बलिदान हो गए थे। उनकी वीर नारी फिरदौस बेगम को भी आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र ने कार्यक्रम में सहयोग किया है।
फोटो 30 : कर्नल ओपी मिश्रा। स्रोत : स्वयं
तीन बार आक्रमण के लिए किया नेतृत्व
मई से जुलाई 1999 तक चले कारगिल युद्ध में तीन बार पाक पर आक्रमण के लिए भारतीय सेना का नेतृत्व किया। प्रत्येक सेकेंड पर सामने से आते गोला-बारूद से मौत से सामना होता था। कारगिल युद्ध में शामिल रहे आठ सिख बटालियन के साथ कर्नल ओपी मिश्रा इन दिनों जिला सैनिक कल्याण और पुनर्वास अधिकारी हैं। मई 1999 में वह दरास में टाइगर हिल पर तैनात थे।
दरास और टाइगर हिल की घेराबंदी की। तीन बार आक्रमण का नेतृत्व किया और जीत भी पाई। बताया कि 14 मई 1999 को उनकी पोस्टिंग दरास के टाइगर हिल पर हुई और युद्ध में विजय के बाद छह नवंबर 1999 को वहां से वापस आए। भारत सरकार ने उन्हें 26 जनवरी 2000 को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। बताया कि तब से अब सैन्य क्षमता में बढ़ी है। अब सैन्य संसाधन हाईटेक हुए हैं और दिन के साथ रात में भी युद्ध में भारत की सेना सक्षम हो गई है।