हरदोई। दो हेक्टेयर से अधिक भूमि और कम आयु वाले वृद्धावस्था पेंशन योजना में सेंध लगाने वाले लोगों की पेंशन पर रोक लगाई गई है। इससे से पेंशनर्स डेटा में संदिग्ध मिले 11,686 लोगों को अब पेंशन की अगली किस्त नहीं जारी होगी।
समाज कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित सामाजिक सहायता कार्यक्रम में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 1,69,105 लोग पेंशन पा रहे हैं। फैमिली आईडी और पेंशनर्स के डेटा मिलान में प्रदेश के करीब दो लाख से अधिक पेंशनर्स का डेटा संदिग्ध चिह्नित किया गया है। इसमें जिले के 11,686 लोग शामिल हैं। जिले में दो हेक्टेयर से अधिक भूमि और कम आयु वाले लोगों के पेंशनर्स होने से जुड़ी खबर को अमर उजाला ने 19 अगस्त के अंक में यहां दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले ले रहे भरण-पोषण पेंशन और 20 अगस्त को 8,728 लोग 12 हजार पेंशन के लिए बन गए बुजुर्ग शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। प्रशासन ने इन खबरों का संज्ञान लिया।
अधिकारियों ने खबरों को संज्ञान लेते हुए पेंशनर्स के सत्यापन की प्रक्रिया के बीच में इन लोगों की पेंशन भुगतान पर शासन से रोक लगवा दी है। समाज कल्याण निदेशालय को इस संबंध में पत्राचार भी किया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अवनीश कुमार यादव ने बताया कि सत्यापन आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
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वृद्धावस्था पेंशन योजना में संदिग्ध डेटा में शामिल जिले के करीब 11,686 लोगों की पेंशन भुगतान रोक लगवा दी गई है। वहीं संदिग्ध डेटा का सत्यापन गंभीरता से किए जाने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। -अनुनय झा, जिलाधिकारी