प्रदेश सरकार ने सबसे ज्यादा जोर गांवों के विकास
कार्यों पर दिया है, जिसको लेकर शासन ने डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम
योजना शुरू की। योजना के अंतर्गत सभी विभागों को गांवों में विकास कार्य
कराना है, पर अब समग्र ग्रामों के लिए शासन के पास बजट का अभाव आ गया है।
ऐसे में स्थिति यह है कि तमाम योजनाएं अब बजट के अभाव से अधर में लटक गईं
हैं। बजट की मांग करने पर कुछ विभागों को पर्याप्त धनराशि नहीं मिली है,
तो कुछ विभागों को देरी से बजट प्राप्त हुआ है। ऐसे में अब विभागों के लाख
कोशिशों के बाद भी वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक काम पूरा होना संभव नहीं
है।
विकास कार्य थमने से जनपद की विकास दर भी प्रदेश में कम हो गई। अधूरे
कार्य और कम विकास की दर ने अफसरों को चिंता में डाल रखा है। ऐसे में अब
विभागों ने भी काम पूरा करा पाने में हाथ खींच लिए और शासन को बजट संशोधित
कराने को पत्र भेजना शुरू कर दिया।
जिले के कई विभागों ने निर्माण कार्यों
को पूरा कर पाने में असमर्थता जता दी है। चूंकि विभाग के पास बजट का अभाव
है और समय भी नहीं है ऐसे में जिलाधिकारी ने भी लक्ष्य को संशोधित कराने के
लिए विभागाध्यक्षों को अपनी सहमति दे दी है।
उधर, डा. राम मनोहर लोहिया
समग्र ग्राम योजना से चयनित गांवों में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय
का प्रस्तावित निर्माण अब खटाई में पड़ चुका है। बजट स्वीकृत न होने से
शिक्षा विभाग द्वारा चिह्नित गांवों और उनके मजरों में प्राथमिक व उच्च
प्राथमिक विद्यालय बनाने में असमर्थता जता दी गई है।
टड़ियावां के ग्राम
महमदापुर, शाहाबाद के ग्राम केवलपुर, बावन में भुड़िया व महमदापुर, अहिरोरी
में सेमरा, सुरसा में झोरिया तथा वित्तीय वर्ष 14-15 में प्राथमिक
विद्यालयों की स्थापना व भवन निर्माण अहिरोरी के बुंदेलापुरवा में
प्रस्तावित था, पर धनराशि न होने के कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने
निर्माण कार्य में असमर्थता व्यक्त कर दी है।
उधर, प्रधानमंत्री ग्राम
सड़क योजना से भी जनपद में संपर्क मार्ग बनाए जाने हैं, पर संपर्क मार्गों
के निर्माण का कार्य भी अब बजट के अभाव में रुक सकता है। प्रधानमंत्री
ग्राम सड़क योजना से जिले के ग्रामीण क्षेत्राें में 340 किमी का संपर्क
मार्ग बनाया जाना है।
पर मुहैया धनराशि के सापेक्ष सिर्फ 140.41 किमी की
सड़क बन सकी है, जबकि शेष सड़क का निर्माण बजट के अभाव में अब होना संभव
नहीं है। जिसको लेकर अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई ने असमर्थता भी व्यक्त कर
दी है। ऐसे में अब डीएम ने भी एक्सईएन को प्रमुख सचिव क्रियान्वयन तथा
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग को पत्र भेजकर लक्ष्य संशोधित कराने को
पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं।