समाज में एकांत जीवन गुजार रहीं महिलाओं को नई दिशा
देने को राज्य महिला आयोग ने एक कदम बढ़ाने का फैसला किया है। आयोग द्वारा
उन तमाम महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण होगा, जो किन्हीं कारणों से अकेले
जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
आयोग ने ऐसी समस्त महिलाओं को चिह्नित
करने के निर्देश दिए हैं। महिलाओं को चिह्नित करने के बाद उनके सशक्तिकरण
के कार्य कराए जाएंगे। मामले में आयोग ने तहसीलवार सूची देने के निर्देश
दिए हैं। महिलाओं के हक और उत्थान की लड़ाई लड़ रहे आयोग द्वारा एकल जीवन
गुजार रहीं महिलाओं को समाज में नया स्थान देने की दिशा में एक सार्थक
प्रयास किया जा रहा, जिसमें महिलाओं की दैनिक समस्याओं का निस्तारण तो होगा
ही।
साथ ही उनको आर्थिक दृष्टि से सशक्त भी बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य
महिला आयोग ने जिले से एकल जीवन बिता रहीं महिलाओं की सूची मांगी है। आयोग
की सदस्य सचिव माला द्विवेदी ने डीएम को पत्र भेज बताया कि आयोग ने
वर्तमान में एकल महिलाओं में विवाहिता, अविवाहित, शारीरिक रूप से अक्षम,
अनाथ, विधवा, परित्यक्तता और तलाकशुदा महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण करने के
प्रयास करेगा।
उक्त महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा और
उन्हें सबल बनाते हुए आर्थिक स्तर से भी मजबूत किया जाएगा। सदस्य सचिव ने
डीएम को ऐसी समस्त महिलाओं को चिह्नित करवाकर तहसीलवार सूची आयोग में भेजने
को कहा है।