दशमोत्तर छात्रवृत्ति तथा स्नातक व वर्ग चार के
विषयों में शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए छात्र-छात्राओं को अभी भी परेशान होना
पड़ रहा है। छात्रों के आवेदनों में कमियां निकाल कर उनको निरस्त कर दिया
गया। हालांकि, अब शासन ने सही आवेदनों पर प्रत्यावेदन मांगा है, जिसको लेकर
कार्रवाई हो रही, जबकि जानकारी करने के लिए अभी छात्र-छात्राओं को भटकना
पड़ रहा है।
शैक्षिक वर्ष 2014-15 के अंतर्गत वजीफा तथा शुल्क
प्रतिपूर्ति के लिए जनपद से सभी जाति वर्ग के हजारों छात्र 61,228
छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था, जिसमें से 14584 छात्र छात्राएं ऐसे हैं,
जिनके आवेदन फार्म निरस्त कर दिए गए। जिला समिति व साफ्टवेयर द्वारा
निरस्त किए गए आवेदन फार्मों में कुछ लोगों को तो सही होने पर हटाया गया,
पर कई ऐसे भी छात्र-छात्राएं हैं, जिनके आवेदन फार्म ठीक हैं, पर उनका नाम
भी सूची से बाहर कर दिया गया।
जिसके बाद से अब छात्र-छात्राएं प्रतिदिन
जानकारी लेने के लिए समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं। आवेदन
निरस्त होने से हटाए गए छात्र-छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए अभी तक तो
शासन से कोई निर्देश नहीं आया है, पर अब समाज कल्याण निदेशालय से जनपदों
को सही आवेदनों पर प्रत्यावेदन भेजने के निर्देश दिए हैं।
जिससे एक उम्मीद
बंधी है कि पात्र अवशेष लोगाें को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति मिल
जाएगी। इसके बाद भी सैकड़ों छात्र-छात्राएं जानकारी करने के लिए विभाग आ
रहे हैं। इस बाबत समाज कल्याण अधिकारी एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि
प्रत्यावेदन तैयार कर समय सीमा के भीतर निदेशालय भेज दिया जाएगा।
उधर, समाज
कल्याण निदेशालय ने प्रत्यावेदन तो मांग लिए हैं जिससे कुछ उम्मीदें तो
बंधी है, पर अभी आशंकाएं बनी हुई हैं। कहा जा रहा कि शासन के पास बजट का
अभाव है, ऐसे में सामान्य वर्ग और पिछड़ी जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को
हो सकता है धनराशि जारी नहीं की जाएगी। हालांकि, अनुसूचित जाति वर्ग को बजट
देने पर सहमति जताई गई है। फिलहाल अभी इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं
आया है।