कछौना। अहिरोरी का जमुनिया तालाब की तरह अब कछौना के भी एक तालाब में कुंड मिला है। कछौना के टिकारी गांव में घर की पुताई के लिए मिट्टी खोदने गई महिलाओं को तालाब में पक्की ईटों का गुंबद मिला।
जिले के कछौना के टिकारी गांव में एक तालाब के अंदर पक्की ईंटों का कुंड मिला है। गांव की कुछ महिलाएं बुधवार की सुबह घरों की पुताई के लिए मिट्टी लेने तालाब गईं थी जिसमें उन्हें दीवार का एक गुंबद दिखा। महिलाओं ने इसकी जानकारी गांव के प्रधान सत्यपाल सिंह व अन्य ग्रामीणों को दी तो ग्राम प्रधान व गांव के लोग उसे खोदने लगे।
कुछ फीट खुदाई में एक ईंट की छत्तीस इंच चौड़ी सीढ़ी मिली। सीढ़ियों में सोलह इंच लंबी व नौ इंच चौड़ीर् इंट लगी पाई गईं। ग्रामीण बताते हैं कि यहां पर माता गोवर्धनी का मंदिर था। करीब तीस वर्ष पहले कुछ लोग यहां जांच करने आए थे जिन्होंने मूर्तियों से अनुमान लगाकर मंदिर को दूसरी सदी का बताया था। माना जा रहा हैं कि इस तालाब में पहले चक्र तीर्थ रहा होगा। इसलिए कुछ आस्थावान इस कुंड को चक्र तीर्थ का हिस्सा बता रहे हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन के अधिकारियों को दे दी है।