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ग्राम पंचायतों से वैवाहिक रजिस्टरों का अस्तित्व खत्म

Wed, 15 Jun 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : logo
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हरदोई। जिले की ग्राम पंचायतों से वैवाहिक रजिस्टर गुम हो चुके हैं। अब न तो ग्रामीणों को इन रजिस्टरों पर बेटियों की शादी दर्ज करवाने की ललक है और न ही सचिव इस ओर ध्यान दे रहे हैं। नतीजतन ग्राम पंचायतों के सचिवालयों से वैवाहिक रजिस्टर चलन से बाहर हो गए हैं।
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जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में होने वाली शादियों का पंजीकरण करने के लिए पंचायतों में रजिस्टर पर पंजीकरण करने की व्यवस्था चली आ रही है। इसके लिए ग्राम पंचायत या विकास अधिकारी को शादी कराने वाले परिवार का मुखिया शादी की सूचना पूर्व में ही देता है। जिसके बाद सर्वे व पुष्टि करने के बाद वैवाहिक रजिस्टर पर इसे दर्ज कर लिया जाता है। अब यह व्यवस्था सिर्फ शासन व पंचायती राज विभाग की फाइलों में ही नजर आ रही है। वास्तविकता में या तो ग्राम पंचायतों में इस तरह का कोई रजिस्टर नहीं है यदि है तो धूल खा रहे हैं। कहीं कहीं यदि पंजीकरण यदा कदा हो भी रहे हैं तो परिवार रजिस्टरों पर ही दर्ज कर इसकी इतिश्री कर ली जा रही है।

क्या है वैवाहिक रजिस्टर
ग्राम पंचायतों में होने वाली शादियाें के पंजीकरण करने के लिए शादी से पूर्व बेटी के पिता को एक सूचना ग्राम पंचायत अधिकारी को देनी होती है। शादी के दिन वही ग्राम पंचायत अधिकारी अपने हिसाब से सर्वे कर लेता है। रजिस्टर पर लड़की पक्ष, लड़का पक्ष और मौजूद जनाती व बराती के कुछ गवाह लेकर उनका पंजीकरण कर लेते हैं और बाद में प्रोत्साहित प्रमाण पत्र भी प्रदान करते हैं।
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इंसेट
जिला पंचायत राज अधिकारी सभाजीत पांडे का कहना है कि ग्रामीण जब तक जागरूक नहीं होंगे। सरकारी योजनाओं का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। ग्राम पंचायतों में ग्रामीण परिवार रजिस्टर तक ही सीमित होकर रह गए। वह सूचनाएं देना ही नहीं चाहते। फिर भी ग्राम पंचायत अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।

ग्राम पंचायतों में 14 रजिस्टर बनाने के हैं नियम
ग्राम पंचायतों में जन्म, मृत्यु, परिवारों की बढ़ी संख्या सहित अन्य जानकारियों को एकत्रित करने के लिए 14 तरह के रजिस्टर बनाए जाने का नियम है। इन्हीं 14 रजिस्टरों के बाबत एक पंचायत अधिकारी से पूछा गया तो उनके द्वारा परिवार रजिस्टर, जन्म, मृत्यु व विवाह रजिस्टर का ही नाम लिया जा सका।
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