फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अबकी रोडवेज बस अड्डा बनेगा चुनावी मुद्दा

विज्ञापन
विज्ञापन
सांडी। कस्बे में करीब 30 वर्ष पहले शुरू हुआ रोडवेज बस अड्डा विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। बस अड्डे के नाम पर अब सिर्फ टिकट खिड़की व बाउंड्रीवाल बची है। कस्बावासियों ने बस अड्डा की मरम्मत कराकर रोडवेज बसों का संचालन शुरू कराने की मांग की है।
विज्ञापन

इस बार कस्बा के लोगों का यही सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा रहेगा। कस्बे में रोडवेज का बस स्टैंड आज भी बना है। इसके बाद भी दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसें चाय की दुकान पर रुकती है।
स्टैंड की जो जगह है, उसका पट्टा किया गया था। जिसका समय पूरा होने पर संबंधित व्यक्ति ने जमीन अपने स्वामित्व में ले ली। उक्त जमीन का 99 वर्षों का पट्टा कामता प्रसाद द्वारा परिवहन विभाग को किया गया था।
विज्ञापन

इस जमीन पर ही बस अड्डे का संचालन हुआ। इसके बाद बसों का ठहराव बंद करा दिया गया। यहां बस अड्डे पर आज भी टिकट खिड़की और विभाग की बनाई बाउंड्री ही है।
इसके बाद भी रोडवेज की बसें यहां से न के बराबर संचालित हो रही हैं। ऐसे में व्यापार का केंद्र कानपुर होने और बिलग्राम तहसील होने से लोगों को डग्गामार वाहनों से अधिक किराया देने को विवश होना पड़ रहा है।
पिछले कई चुनावों से कई दलों के जनप्रतिनिधि रोडवेज बस अड्डा शुरू कराने के नाम पर वोट भी लेते हैं। इसके बाद भी बस अड्डा नहीं बना है। इस बार कस्बा के लोगों ने इसी को चुनावी मुद्दा बना रखा है।
विज्ञापन

उनका कहना है कि जिस प्रत्याशी द्वारा इसे बनवाने का भरोसा दिलाया जाएगा, उसी को समर्थन करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें