परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों को भी वर्तमान
शिक्षा सत्र में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके लिए शहर
के दो स्कूलों को चिह्नित कर वहां पर टीचरों की तैनाती कर दी गई। विद्यालय
खुलने पर वहां पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों का
शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
ज्ञात हो कि परिषदीय विद्यालयों को निजी
विद्यालय के समकक्ष खड़ा करने के लिए शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों में भी
अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत आरंभ
में जिले के दो स्कूलों को माडल के रूप में शुरू किया जाना है।
इसके लिए
टीचरों की नियुक्ति परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत टीचरों में से
साक्षात्कार के आधार पर की गई। जिले में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान
करने को शहर के दो स्कूलों प्राथमिक विद्यालय हिंदी पाठशाला और प्राथमिक
विद्यालय ऊंचा थोक को चिह्नित किया गया है।
इन स्कूलों में शिक्षण कार्य के
लिए टीचरों की नियुक्ति कर दी गई है। प्राथमिक हिंदी पाठशाला में
प्रधानाध्यापक के रूप में जूनियर हाई स्कूल नौरंग पुर के टीचर अखिलेश
गुप्ता, प्राथमिक पिपरी की टीचर रश्मि द्विवेदी और प्राथमिक रैंदापुरवा की
टीचर नीतू सिंह की तैनाती की गई है।
इसके अलावा प्राथमिक स्कूल ऊंचा थोक
में प्राथमिक स्कूल फर्दापुर की टीचर सुशील लता दीक्षित को प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक चांद बेहटा की टीचर विजयश्री कुशवाहा और प्राथमिक खानपुर के टीचर
देवेंद्र सिंह को सहायक टीचर पद पर नियुक्ति किया गया है। बीएसए डा. बृजेश
मिश्र ने बताया कि विद्यालय के अवकाश के बाद इन विद्यालयों में प्रवेश
प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान की
जाएगी।