हरदोई। विकास खंड हरियावां की ग्राम पंचायत मरई की निलंबित प्रधान और पंचायत सचिव को नोटिस दी गई है। दोनों से ग्राम पंचायत में की गई गडबड़ी पर जवाब मांगा गया है। जिलाधिकारी अनुनय झा ने अंतिम नोटिस देते हुए 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है। चेतावनी दी है कि जवाब न आने और संतोषजनक जवाब न होने पर वसूली की जाएगी।
डीएम ने यह कार्रवाई जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक और जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता की जांच रिपोर्ट पर जवाब न दिए जाने पर शुरू की है। बताया कि जतुली निवासी नीरज, अनिल कुमार, मरई निवासी गीता देवी, नजीर अली, हमिद अली आदि के शिकायती पत्र पर जांच कराई गई थी। जांच में ग्राम पंचायतों के कामों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई थी। इस पर निलंबित प्रधान खालिया बेगम और तत्कालीन पंचायत सचिव रूपाली यादव को अंतिम नोटिस दी गई है।
बताया कि जांच में पुष्टि हुई थी कि प्रधान खालिया बानो गांव में नहीं रहती हैं। वह हरदोई में रहती हैं। ई-ग्राम स्वराज पर गेटवे पोर्टल पर प्रधान के स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति की तरफ से भुगतान किया जाता रहा है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि हैंडपंपों की मरम्मत की जांच में स्पष्ट हुआ कि इब्राहिम के मकान के पास 25 साल पहले हैंडपंप की मरम्मत हुई थी, जबकि मरम्मत दिखाकर भुगतान निकाला गया। वहीं सतेंद्र के मकान में व्यक्ति उपयोग के लिए लगे हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर भी भुगतान निकाला गया। पंचायत सचिवालय के कंप्यूटर के स्थान पर लैपटॉप खरीदा गया जबकि 1,78,529 रुपये के दुरुपयोग के लिए निलंबित प्रधान खालिया बानो, तत्कालीन पंचायत सचिव रूपाली सिंह दोषी हैं।