हरदोई। जिले में लगभग 22 लाख क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। इसके सापेक्ष मिलों को कुटाई के बाद लगभग 14 लाख क्विंटल चावल एफसीआई में जमा कराना है, लेकिन अभी तक 8 लाख क्विंटल चावल ही केंद्रीय पूल में कराया जा सका है।
एडीएम संजय सिंह ने सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई है। एडीएम ने सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली 11 राइस मिलों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं मिलर्स समेत पांच एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को नोटिस जारी कर स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 94 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद की जा रही है। निर्धारित लक्ष्य 13 लाख 50 हजार क्विंटल के सापेक्ष जिले में शनिवार तक लगभग 22 लाख क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है।
खरीदे गए धान में से अधिकांश धान मिलों को डिलीवर किया जा चुका है, जिसे कुटाई के बाद मिलों को केंद्रीय पूल/एफसीआई में जमा कराना है। जिले में काम कर रहीं 53 मिलों पर लगभग 14 लाख क्विंटल चावल की देयता है और उसे एफसीआई में पहुंचाने का जिम्मा है, लेकिन अब तक मिलों ने मात्र 8 लाख क्विंटल (57 प्रतिशत) चावल ही एफसीआई में जमा कराया है।
समीक्षा में एडीएम संजय कुमार सिंह ने इस पर नाराजगी जताई है। एडीएम ने सबसे खराब गति से चावल उतार कर रही 11 राइस मिलों के संचालकों को नोटिस जारी किया है। मिलरों से तीन दिन में स्पष्टीकरण समेत चावल उतार की कार्ययोजना भी मांगी गई है।
एडीएम ने कहा कि उतार का औसत 60 फीसदी न होने की स्थिति में मिलों को ब्लैक लिस्टिेड किया जाएगा। एडीएम ने सीएमआर संप्रादन की स्थिति खराब मिलने पर पीसीएफ, पीसीयू, एसएफसी, एग्रो के जिला प्रबंधकों व मंडी सचिव को भी नोटिस जारी किया है। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि सुधार न होने पर राइस मिलों व संबंधित जिला प्रबंधकों पर कार्रवाई की जाएगी।