जाड़े में विदेशी पक्षियों का हब बना जनपद का सांडी
पक्षी विहार अबकी प्राकृतिक आपदा से अछूता नहीं रहा। मानसूनी बारिश कम होने
से सांडी की दहर झील में भी पानी कम हो गया, जिससे प्रतिवर्ष लाखों की
संख्या में आने वाले विदेशी मेहमानाें की संख्या कम हो गई।
विदेशी पक्षियों
का आगमन न होने से पक्षी विहार की रौनक नहीं निखर पाई, वहीं जिले को भी
राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। डीएम ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा
उत्पन्न न हो इसके लिए एक योजना तैयार की है और झील को माइनर व नहर से
जोड़ने का फैसला किया है।
जिला मुख्यालय से महज 20 किमी दूर सांडी में
स्थित दहर झील पर कड़ाके की ठंड में विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता
है। काफी बड़े क्षेत्रफल में फैली इस झील में लाखों की संख्या में विदेशी
पक्षी आते हैं और सर्दियां होने तक रहते हैं।
सांडी स्थित पक्षी विहार में
विदेशी पक्षियों के आने से रौनक भी बढ़ जाती है और जनपद सहित आसपास के
जिलों और प्रदेशों के लोग भी विदेशी पक्षियों को देखने आते हैं। पक्षी
विहार में पर्यटकों के आने से जिले को राजस्व भी प्राप्त होता है।
हालांकि,
अबकी विदेशी पक्षियों की संख्या काफी कम रही, जिससे पर्यटकों ने भी पक्षी
विहार से दूरी बना ली। ज्ञात हो कि मानसूनी बारिश कम होने से सूखे के हालात
उत्पन्न हो गए और इसका प्रभाव सांडी की दहर झील पर भी पड़ा। बारिश न
होने से दहर झील में पानी बहुत कम हो गया और झील सूखने की कगार पर पहुंच गई
और झील के अस्तित्व पर भी संकट आ गया।
जिले के पर्यटन स्थल पर पड़े इस
प्रभाव से सबक लेते हुए अब डीएम ने दहर झील में पानी की भरपूर आपूर्ति को
योजना तैयार की है। डीएम रमेश मिश्र ने पक्षी विहार के समीप से निकली नहर
अथवा माइनर को झील से जोड़ने की योजना बनाई है।
उन्हाेंने दहर झील को नगर व
माइनर से जोड़ने को शारदा नहर के अधिशासी अभियंता और सामाजिक वानिकी वन
प्रभार के प्रभागीय निदेशक को क्षेत्र का सर्वे कर नहर व माइनर से जोड़ने
के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। उधर, झील पर पड़ी सूखे की मार से विदेशी
पक्षियों का आगमन प्रभावित होने को अमर उजाला ने मुद्दा बना प्रकाशित किया।
अफसरों की उदासीनता का शिकार हो रहे सांडी पक्षी
विहार की खबरों का प्रकाशन कर प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा और पक्षी विहार
की बेहतरी को अफसरों को ठोस कदम उठाने पर मजबूर किया गया। जिसका ही परिणाम
हुआ कि डीएम रमेश मिश्र ने एक्सईएन शारदा नहर और वन विभाग के प्रभागीय
निदेशक को क्षेत्र का सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।