भौतिकवादी इस युग में जहां हर पग को सहज बनाने को
बाजारों में उत्पादों की भरमार हुई, वहीं इन उत्पादों के नाम व बिक्री पर
भी भ्रष्टाचार व लूट खसोट भी बढ़ी, पर इन सबके बीच उपभोक्ता भी अब अपनी
पूंजी को फंसा देख मायूस नहीं बल्कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है।
साथ दे रहा तो उपभोक्ता फोरम। शायद यही कारण रहे कि तभी इस जिले के जागरूक
उपभोक्ताओं के दायर वादों में बीएसए से लेकर एलआईसी प्रबंधक पर भी हर्जाना
लगाकर वादी को न्याय दिलाया गया है। कुल मिलाकर विश्व उपभोक्ता दिवस पर
हर उपभोक्ता से अपने अधिकाराें के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया गया
है।
उधर, औद्योगिक क्र ांति तथा व्यापार एवं वाणिज्य के विकास के साथ ही
उपभोक्ताओं के हितों को भी सुरक्षित रखने को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम लागू
किया गया। इसके तहत जिला उपभोक्ता फोरम, राज्य फोरम तथा राष्ट्रीय
उपभोक्ता फ ोरम का गठन किया गया।
जिले में अपने अधिकारों को हासिल करने को
उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ी है। यही कारण है कि उपभोक्ता फोरम में दायर
वादों की संख्या लगातार बढ़ी है। जिला उपभोक्ता फोरम के गठन से लेकर आज तक
लगभग 15 हजार से अधिक वाद दर्ज हो चुके हैं। जिले में करीब वर्ष 1990 से
उपभोक्ता फोरम अदालत कार्य कर रही हैं।
पर, बीते कुछ वर्षों में लोगों
ने जागरूक होकर उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर अपने अधिकारों को प्राप्त
किया है। अन्य अदालतों की अपेक्षा अभी भी फोरम में दायर होने वाले वादों की
संख्या काफी कम है।
लोगों को सेवाएं प्रदान करने वाली संस्थाएं जैसे बीमा,
अस्पताल, यातायात, विद्युत गृह निर्माण, मनोरंजन, वित्त एवं बैंक व अन्य
व्यापार से जुड़ी संस्थाएं उपभोक्ता की श्रेणी में आ रही हैं। इस बाबत जिला
उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष बीपी शुक्ल ने बताया कि जिला उपभोक्ता फ ोरम के
गठन के बाद से साल दर साल लोगों में जागरूकता आई है।