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गोशाला में डेढ़ माह से मवेशी भूखे-प्यासे

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प्रतीकात्मक - फोटो : प्रतीकात्मक
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अप्रैल की शुरुआत ही हुई है, लेकिन गर्मी तेज हो गई है। भीषण गर्मी में गोशालाओं में बंद मवेशियों के लिए न तो पानी का इंतजाम है और न ही चारे का। सवायजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम आजारी गेहाई में बनवाई गई गोशाला में तालाब सूखा पड़ा है। इसके अलावा यहां पानी का कोई अन्य साधन नहीं है। डेढ़ माह से इस गोशाला में चारे की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां तैनात कर्मियों का कहना है कि गोशाला से आधे मवेशी भाग गए हैं।

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 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अन्ना मवेशियों के लिए पशु आश्रय स्थल खोले गए थे। तहसील के ग्राम आजारी गेहाई में भी फरवरी की शुरुआत मेें ग्राम समाज की 53 बीघा भूमि चिह्नित कर उस पर अस्थायी पशु आश्रय स्थल बनवाया गया था। इसमें 100 मवेशी बंद किए गए। शुरुआत में चारे और तालाब खुदवाकर पीने के पानी की व्यवस्था की गई, लेकिन बाद में मवेशियों को ऐसे ही छोड़ दिया गया। अब न उनके लिए चारा है और न पानी। डीजल के अभाव में तीसरे-चौथे दिन मात्र एक घंटे पंपिंग सेट चलाकर जैसे-तैसे मवेशियों को पानी मुहैया कराया जा रहा है। आश्रय स्थल की व्यवस्था में तैनात कर्मियों का कहना है कि मवेशियों को भूख से परेशान देखकर गांव वाले कभी-कभी थोड़ा भूसा और अन्य चीजें डाल जाते हैं। मवेशी परिसर में लगी सूखी घास खा रहे हैं।

मनरेगा से हो रहा टिन शेड का निर्माण
सवायजपुर। फरवरी में अस्थायी रूप से शुरू किए गए आजारी गेहाई के पशु आश्रय स्थल में व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए मनरेगा योजना से 20 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। बजट जारी होने के बाद आश्रय स्थल में टिन शेड और चन्नियों का निर्माण शुरू करा दिया गया। परिसर में कर्मियों की सहूलियत के लिए एक नल भी लगवाया जा रहा है। पांच सोलर लाइटें भी लगवाई गईं हैं।
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कर्मियों के बैठने की जगह नहीं, छांव बनी सहारा
सवायजपुर। ग्राम आजारी गेहाई में बनाए गए पशु आश्रय स्थल के संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायत को सौंपा गया है। चौकीदार भैयालाल और महिपाल के साथ आठ सफाईकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। पूरे आश्रय स्थल में कर्मियों के बैठने के लिए जगह नहीं है। कर्मी पेड़ की छांव के नीचे बैठकर समय काटते हैं।

30 रुपये प्रति मवेशी निर्धारित है चारे का खर्च
सवायजपुर। तहसील के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बच्चा पाठक ने बताया पशु आश्रय स्थल में वर्तमान में 36 गोवंश बंद हैं। एक गोवंश के हिसाब से प्रतिदिन 30 रुपये चारे पर खर्च करना निर्धारित है। चारे के खर्च का आंकलन कर जल्द ही भुगतान कराया जाएगा।

कार्रवाई की जाएगी : एसडीएम
एसडीएम उदयभान सिंह ने कहा कि पशु आश्रय स्थल पर सभी मवेशियों के खान-पान की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। वह स्वयं निरीक्षण कर स्थिति जांचेंगे। अगर इसमें गड़बड़ी मिली तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
                                         

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