हरदोई। गांवाें में विकास और काम कराए जाने के लिए सामग्री खरीदारी और भुगतान में गड़बड़ी की गई है।
टेंडर न कोटेशन और सामग्री की जमकर आपूर्ति ली गई और फर्मों को भुगतान भी किया गया। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने हरपालपुर की ग्राम पंचायत अरवल की प्रधान और पंचायत सचिव को नोटिस दिया है। 15 दिन में साक्ष्य समेत जवाब मांगे हैं। चेतावनी दी कि जवाब न आने पर पंचायतीराज अधिनियम में कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने करनपुर निवासी मान सिंह, मुनीश सिंह व कल्लू के शिकायती पत्र पर डीआरडीए के पीडी और जल निगम के अधिशासी अभियंता से जांच कराई। इसमें गड़बड़ी पर कार्रवाई शुरू की। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि प्रधान नेहा कुमारी और पंचायत सचिव गौरव मिश्रा दोषी पाए गए है। बताया कि रिपोर्ट में वसूली की संस्तुति की गई है। प्रधान और पंचायत सचिव ने बेहटा मुड़िया प्राथमिक स्कूल में टायलीकरण के लिए न तो टेंडर किया और न ही कोटेशन लिए।
मेसर्स बाला जी ट्रेडर्स ऑर्डर सप्लायर को तुलनात्मक विवरण बनाकर काम कराया गया। फर्म को काम कराने का ऑर्डर भी नहीं दिया गया और वाउचर पर तीन लाख, 31 हजार, 200 रुपये का भुगतान कर दिया गया। मजदूरी भी वाउचर से निकाली गई। करनपुर में आंगनबाड़ी केंद्र के कायाकल्प में भी बिना टेंडर-कोटेशन के एक लाख, 44 हजार, 500 रुपये का भुगतान निकाला गया।
करनपुर प्राथमिक स्कूल में टायलीकरण के लिए एक लाख, 99 हजार, 950 रुपये का भुगतान निकाला गया। बिना हस्ताक्षर के कोटेशन पर ही सीमेंटेड बेंच के लिए लालपालपुर चौराहे की फर्म बाला जी ट्रेडर्स को एक लाख, 06 हजार रुपये का भुगतान किया गया। ऐसे ही नाली-खड़ंजा का काम भी वाउचर से ही कराया गया।
बताया कि ग्राम पंचायत अरवल में सुखराम से रामकिशोर के मकान तक इंटरलाकिंग पर पांच लाख, 74 हजार 300 रुपये का भुगतान निकाला गया। मस्टर रोल पर मजदूरों के हस्ताक्षर नहीं हैं, फर्जी मस्टर रोल बनाया गया। आरसीसी रोड के लिए पांच लाख, 54 हजार, 200 रुपये का भुगतान अलग-अलग फर्मों को किया गया है।