फोटो-13- रोडवेज बस में टूटा लगा फार्स्ट-एड बाॅक्स। संवाद
हरदोई। यात्रियों को सुगम सफर का दावा करने वाली रोडवेज बसों की हालत काफी खराब है। चोट लगने या बीमार पड़ने की दशा में बसों में यात्रियों को प्राथमिक उपचार देने के लिए भी सुविधाएं नहीं हैं। इन दिनों भीषण गर्मी के बावजूद किसी भी बस में ओआरएस तक नहीं मिलता है। स्थिति यह है कि कई बसों में मेडिकल बॉक्स तक उखड़ चुके हैं।
भीषण गर्मी में बस में सफर करते समय अक्सर यात्रियों की तबीयत बिगड़ने या डिहाइड्रेशन की शिकायतें आती हैं। इतना ही नहीं कई बार यात्री गिर कर चोटिल भी हो जाते हैं। वहीं, चालक और परिचालक को भी चोट लगने और बीमार पड़ने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में रोडवेज की बसों में फर्स्ट-एड किट अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद हरदोई डिपो की अधिकांश बसों में मेडिकल बॉक्स मौजूद नहीं है।
वहीं जिन बसों में मेडिकल बॉक्स लगा भी है तो उनमें फर्स्ट-एड किट भी मानकों के अनुरूप नहीं है। इन दिनों भीषण गर्मी में ओआरएस संजीवनी का काम करता है लेकिन रोडवेज बसों में इसकी उपलब्धता शून्य है। यात्रियों का कहना है कि रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी मेडिकल स्टोर या बस स्टैंड के भरोसे रहना पड़ता है जबकि शासन की तरफ से भी बसों में तीन से पांच लीटर ठंडा पानी व ओआरएस रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बसों में यह होनी चाहिए व्यवस्था
रोडवेज बस में प्रत्येक मेडिकल किट में दर्द निवारक दवा, पट्टी, कॉटन, बैंडेज, बीटाडीन ट्यूब के अलावा आपातकालीन स्थिति में ली जाने वाली दवाई व आपातकालीन नंबर लिखा होता है जिससे यात्री को मौके पर राहत दी जा सके।
सभी बसों में जांच करवाकर एक्सपायर दवाएं हटवाई जा रही हैं और परिचालकों को मेडिकल बॉक्स दिया जा रहा है। ओआरएस की व्यवस्था भी दो से तीन दिन में करा दी जाएगी। -भुवनेश्वर कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
फोटो-13- रोडवेज बस में टूटा लगा फार्स्ट-एड बाॅक्स। संवाद