हरदोई। पिछले कई वर्षों से विनियमित क्षेत्र घोषित किए जा चुके शहर के आसपास के गांवों में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध रूप से की जा रही प्लाटिंग को लेकर जिला प्रशासन के तेवर सख्त हैं। विनियमित क्षेत्र प्राधिकारी एवं एसडीएम सदर दीक्षा जैन ने अलर्ट जारी कर नियमानुसार मानचित्र आदि स्वीकृत कराने के बाद ही प्लाटिंग करने एवं दुकान मकान बनाने की हिदायत दी है। कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि शासन ने शहर के आसपास के 41 राजस्व ग्रामों को 1986 में विनियमित क्षेत्र घोषित किया था। विनियमित क्षेत्र का मुख्य उद्देश्य शहर एवं आसपास के क्षेत्रों को सुनियोजित ढंग बसाना व विकास करना है।
इसलिए नवनिर्माण, पुनर्निर्माण, आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक व कार्यालय निर्माण, परिवर्तन आदि के लिए प्रदेश निर्माण विनियमन अधिनियम के तहत अनुमति लेना अनिवार्य है। भूखंड विक्रेता अपनी भूमि को टुकड़ों में विक्रय कर रहे हैं या जो लोग जमीन की प्लाटिंग कर रहे हैं, उनके लिए मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। बिना ले आउट स्वीकृत भूखंडों की बिक्री करना अपराध है। इसके साथ ही शहर व 41 गांवों में दुकान मकान आदि के लिए मानचित्र स्वीकृत कराए बिना निर्माण कार्य नहीं कराए जा सकते हैं।
विनियमित क्षेत्र में घोषित गांव
तत्यौरा, मम्मरपुर, बेहटा, बेहटा, सधई, सथरा, कुर्रिया, अनंग बेहटा, महोलिया शिवपार, हरीसिंह ग्रंट, भरिगवां, रारा, नयागांव मुबारकपुर, मिरगवां, ककवाही, बहर, मुरलीगंज, आशा, रामनगर, धीयर महोलिया, नघेटा, बेहटाचांद, नानकगंज ग्रंट, बेहटा चांद, हरदोई ग्रामीण, बहलोली, सरैया, घोसार, कसरांवा, फरदापुर, असेउली, तासखेडा, राजेपुर, बरबटापुर, नानामऊ, सिंकदरपुर, मढिया, शहाबुद्दीनपुर, लालपुर, म्यौना महेशपुर, मदारा, खेतुई, नयागांव मुबारकपुर।