हरदोई। गांवों में विकास के नाम पर पारदर्शी व्यवस्था को ही ग्राम पंचायत नगवा में आईना दिखा दिया गया। न एस्टीमेट न कामों की पत्रावलियां, बिना तारीख के ही बिल वाउचर पर 23 लाख से अधिक रुपये का भुगतान निकाला गया। यह भुगतान एक ही फर्म को किया गया है। प्रधान ने अपने ईंट भट्ठे की ईंट का उपयोग किया है। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने प्रधान, पंचायत सचिव और फर्म पर कार्रवाई की संस्तुति की है। आख्या जिलाधिकारी को भेजी है।
विकास खंड कोथावां की ग्राम पंचायत नगवा में राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद से कराए गए कामों का डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने सत्यापन किया। माह अक्तूबर 2025 से अब तक राज्य वित्त आयोग में 20,86,217 रुपये, केंद्रीय वित्त आयोग में टाइड फंड के 8,54,879 रुपये और अनटाइड फंड 4,37,018 रुपये खर्च किए गए हैं। कुल 29,78,114 रुपये में से हैंडपंप रिबोर और मरम्मत के नाम पर शिवम ट्रेडिंग कंपनी को 11,26,835 रुपये का भुगतान किया गया है।
पंचायत सचिव राम कुमार एस्टीमेट, काम और भुगतान की पत्रावली नहीं दिखा सके जबकि एस्टीमेट बनाए जाने का कंसल्टिंग इंजीनियर को भी 16,006 रुपये का भुगतान किया गया है। प्रधान और पंचायत सचिव को उत्तरदायी ठहराया है। ई-ग्राम स्वराज पर फीड किए गए बिल वाउचर बिना तारीख और क्रमवार मिले। वहीं, शिवम ट्रेडिंग कंपनी को साल 2024-25 में 12,36,664 रुपये का भुगतान किया गया। डीपीआरओ ने प्रधान, पंचायत सचिव के साथ फर्म को उत्तरदायी माना है।
पंचायत सचिव ने सियाराम से छोटेलाल के मकान तक इंटरलॉकिंग काम दिखाया। संजीत की ओर से काम कराने की जानकारी दी। ईंट का भुगतान त्रिपाठी ब्रिक फील्ड को किया गया है जबकि ईंट वर्तमान प्रधान के आदर्श ब्रिक फील्ड की लगाई गई हैं। ऐसे ही कोटेदार के मकान के पास खड़ंजे में वर्तमान प्रधान के भट्ठे की ईंट का प्रयोग हुआ है। बताया कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के मुताबिक त्रिपाठी ब्रिक फील्ड को 2024-25 में 9,46,051, 2023-24 में 2,41,681 रुपये और आदर्श ब्रिक फील्ड भगवंतपुर अटिया मझिगवां को 8,66,284 रुपये का भुगतान किया गया है जबकि प्रधान स्वयं और सगे संबंधी की फर्म से खरीदारी नहीं कर सकते थे। ऐसे ही आंगनबाड़ी केंद्र टाइड फंड से शासनादेश के विपरीत काम कराया गया है।