ओपीडी में मरीज देखता फार्मासिस्ट।
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नगर पंचायत क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाआें को बहाल रखने के लिए एक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है। यहां डेढ़ साल से डॉक्टर नहीं है। अस्पताल के संचालन का जिम्मा फार्मासिस्ट के कंधे पर है।
पीएचसी में लैब असिस्टेंट को मिलाकर करीब सात लोगों का स्टाफ है। फार्मासिस्ट राकेश कुमार निगम ने बताया कि डॉक्टर बिलाल अख्तर के स्थानांतरण के बाद से पीएचसी में किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे हरियावां या हरदोई रेफर कर दिया जाता है। कस्बे के हफ ीज का कहना है कि दिन में सीएचसी व जिला अस्पताल ले जाने के लिए साधन उपलब्ध हैं लेकिन शाम को वाहन न मिलने से पीएचसी ही जाना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाओें का भी अभाव है। केंद्र पर लगा नल अरसे से खराब पड़ा है। पानी के लिए भी अस्पताल के बाहर जाना पड़ता है। जीशान ने बताया कि पीएचसी पर सिर्फ सर्दी, जुकाम और बुखार की दवा दी जाती हैं। अन्य बीमारियों के लिए उन्हें शहर की दौड़ लगानी पड़ती है।
आश्वासन के बाद भी नहीं मिला डॉक्टर
गोपामऊ। कुछ माह पहले सांसद अंशुल वर्मा के प्रतिनिधि सुरजीत वर्मा ने पीएचसी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पीएचसी बंद मिली थी। कस्बावासियों ने सांसद प्रतिनिधि के सामने परेशानी बताई थी। जिस पर सांसद प्रतिनिधि ने जल्द ही पीएचसी पर डॉक्टर की तैनाती का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कुछ न हुआ।