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Hardoi News: हड़ताल पर एनएचएम कर्मी, मेडिकल कॉलेज में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

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फोटो- 56- फैमिली मेडिसिन विभाग में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
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हरदोई। नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि समेत कैशलेस इलाज की मांगों को लेकर लखनऊ में शुरू हुआ उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा।
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हड़ताल में शामिल होने जिले से भी डॉक्टर, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मी गए हुए हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उपचार कराने आए मरीजों को अपने तीमारदारों के साथ इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी में तो कई विभागों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी नदारद मिले और कक्ष पर ताला मिला। वहीं महिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मियों की मदद से व्यवस्थाओं को सुचारू करने का प्रयास होता दिखा।


दृश्य-1- फैमिली मेडिसिन कक्ष

मेडिकल कॉलेज में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में सर्दी, खांसी, अस्थमा, मधुमेह और बीपी सहित तमाम बीमारियों के उपचार के लिए फैमिली मेडिसिन विभाग है। चिकित्सकों की हड़ताल में शामिल होने की वजह से वह कक्ष में नहीं बैठीं। इससे तमाम मरीजों को बैरंग होना पड़ा।
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दृश्य-2- आयुष विंग

आयुष विंग में वात, पित्त और कफ जनित रोगों की समस्याओं का निस्तारण पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से किया जाता है। ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टर रोजाना मरीजों को परामर्श देते हैं। चूंकि संगठन से जुड़े होने के कारण वह भी हड़ताल में शामिल रहे और उनके कक्ष पर ताला मिला।

दृश्य-3- एनसीडी क्लीनिक

मेडिकल कॉलेज की तीसरी मंजिल पर एनसीडी क्लीनिक के माध्यम से मरीजों की बीपी और मधुमेह (शुगर) की जांच की जाती है। जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के भी हड़ताल में होने की वजह से मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ा।

दृश्य-4- मनकक्ष पर ताला

मानसिक रूप से बीमार मरीजों को उचित सलाह देकर उनके मन की उलझनों को सुलझाने के लिए मनकक्ष का संचालन होता है। इसमें बैठने वालीं काउंसलर के भी हड़ताल में शामिल होने से मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा और व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं।

दृश्य-5- आउटसोर्स कर्मी संभाल रहे व्यवस्था

महिला अस्पताल में भी संगठन से जुड़े कर्मी हड़ताल के चलते नदारद रहे। ऐसे में आने वाले मरीजों की जिम्मेदारी आउटसोर्स कर्मियों को सौंप दी गई। अस्पताल में सुषमा नाम की कर्मचारी ने मरीजों को दवाएं दीं।


अब किसको दिखाएं... कहां जाएं
फोटो- 60- मो. नौशाद। संवाद
-इलाज कराने की उम्मीद से अस्पताल पहुंचे थे लेकिन डॉक्टर का कक्ष बंद मिला। अब किसको से दिखाएं और कहां जाएं, यह समझ नहीं आ रहा है। -मो. नौशाद, परौली (बिलग्राम)


फोटो- 61- तीर्थंकर। संवाद
-पहली मंजिल से शुगर की जांच कराने के लिए भेजा गया था। वहां आकर पता चला कि कमरे पर ताला पड़ा हुआ है। कोई बताने वाला भी नहीं है कि कहां जाएं। -तीर्थंकर, आंट टोलवा


एनएचएम कर्मियों की हड़ताल का असर मेडिकल कॉलेज पर न पड़े। इसका प्रयास किया गया है, कुछ डॉक्टरों के न होने से व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। सेवाएं दुरुस्त करने की व्यवस्था की जा रही है। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य

फोटो- 56- फैमिली मेडिसिन विभाग में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

फोटो- 56- फैमिली मेडिसिन विभाग में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

फोटो- 56- फैमिली मेडिसिन विभाग में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

फोटो- 56- फैमिली मेडिसिन विभाग में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

फोटो- 56- फैमिली मेडिसिन विभाग में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

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