बेसिक शिक्षा विभाग के आधा सैकड़ा माध्यमिक स्कूलों
में एनजीओ द्वारा की गई मिड-डे मील की आपूर्ति के भुगतान में 54 लाख का
गोलमाल किया जा सकता है। मिड-डे मील के एवज में 54 लाख का भुगतान होना है,
जिसको लेकर कई महीनों से फाइल बड़े अफसरों के पास चक्कर काट रही है।
इसी
बीच भुगतान की आशंका से की गई शिकायत पर अब सीडीओ ने जांच के आदेश दे दिए।
सीडीओ ने डीडीओ से जांच कर एक सप्ताह में आख्या तलब की है। दोपहर भोजन
में जमकर लूटखसोट हुई और यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। एक बार फिर मिड-डे
मील योजना में 54 लाख के गोलमाल की आशंका जताई गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग
के 49 माध्यमिक स्कूलों में स्वयं सेवी संस्था के माध्यम से भोजन आपूर्ति
की गई। वित्तीय वर्ष 13-14 में मिड-डे मील की आपूर्ति पर स्वयं सेवी संस्था
ने 54,48,346 रुपये का बिल भुगतान को दिया, पर वित्त एवं लेखाधिकारी ने
आपत्ति लगा दी।
जिस पर निवर्तमान सीडीओ ने उस पर टिप्पणी लगाकर 26 मार्च 14
को वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा को भेज दी। वित्त एवं लेखाधिकारी ने
धनराशि को समर्पित करने की आख्या दी। इस पर डीएम ने भी अपनी मुहर लगा
दी। साथ ही डीएम ने भुगतान न करने के बाबत कारण पूछते हुए दोषी के विरुद्ध
कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिसके बाद धनराशि भी समर्पित कर दी गई। इसी मामले
को लेकर अब एक शिकायत सीएम से की गई, जिसमें बीएसए पर धनराशि जारी करने का
आरोप लगाया गया है। मुख्यमंत्री संदर्भित शिकायत को गंभीर मानते हुए सीडीओ
ने मामले की जांच के निर्देश डीडीओ को दिए हैं। सीडीओ ने जांच कर एक
सप्ताह में आख्या तलब की है।