हरदोई के पाली में बिना पंजीकरण चल रहे शिव प्रभा अस्पताल में आईसीयू में भर्ती नवजात की मौत हो गई। परिजन ने आरोप लगाया कि 48 घंटे से एक ही कर्मचारी ड्यूटी पर था, जो घटना के समय सो गया।
हरदोई जिले में बिना पंजीकरण के संचालित शिव प्रभा अस्पताल के आईसीयू मेें भर्ती नवजात की रविवार सुबह मौत हो गई। आरोप है कि 48 घंटे से आईसीयू में एक ही कर्मचारी ड़्यूटी कर रहा था। रविवार सुबह कर्मचारी सो गया और इसलिए नवजात को सही समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। इस कारण नवजात की मौत हो गई। अस्पताल के जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन हंगामा करने लगे। दोपहर बाद पुलिस की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
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शिवपुरी निवासी धर्मेंद्र की पत्नी रोमा देवी को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर पाली पीएचसी में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार रात रोमा ने बेटे को जन्म दिया। परिजन का दावा है कि कुछ देर बाद नवजात की तबीयत खराब हो गई। इस पर रात 11 बजे नवजात को लेकर वह लोग नगर के ही शिव प्रभा अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सक ने नवजात को आईसीयू में भर्ती कर लिया। रविवार सुबह लगभग छह बजे नवजात की मौत हो गई।
धर्मेंद्र का आरोप है कि पिछले दो दिन से एक ही कर्मचारी की ड्यूटी आईसीयू में लगी थी। रविवार सुबह यह कर्मचारी सो गया और इस कारण सही समय पर नवजात को ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। इस कारण नवजात की मौत हो गई। नवजात की मौत होने की जानकारी पर बड़ी संख्या में परिजन मौके पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। इस पर अस्पताल का पूरा स्टाफ और कर्मचारी मौके से भाग निकले।
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हंगामे की सूचना पर थानाध्यक्ष विजय मिश्रा मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजन को शांत कराया। दोपहर बाद सीएमओ के निर्देश पर पाली पहुंचे डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने पंजीकरण न होने के कारण अस्पताल सील कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।