- कार्यों और भुगतान में गड़बड़ी पर प्रधान और पंचायत सचिव को नोटिस
- डीएम ने 15 दिन में साक्ष्य सहित मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांव में कार्यों और भुगतान में गड़बड़ी पर जिलाधिकारी विकास खंड शाहाबाद की ग्राम पंचायत रायपुर गुलरिया के प्रधान और पंचायत सचिव को नोटिस दिया है। उन्होंने गड़बड़ी के संबंध में साक्ष्य सहित 15 दिन के अंदर जवाब मांगे हैं।
चेतावनी दी है कि जवाब न आने और संतोषजनक न होने पर पंचायतीराज अधिनियम में प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी जाएगी। पंचायत सचिव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शाहाबाद की ग्राम पंचायत रायपुर गुलरिया निवासी नेकराम आदि के शिकायती पत्र पर डीएम ने डीएफओ और जल निगम विभाग के अधिशासी अभियंता से तकनीकी जांच कराई थी। जांच में प्रधान रमेश चंद्र कुशवाहा और पंचायत सचिव वीरेंद्र सिंह की ओर काम और भुगतान में दोषी पाया है।
डीएम ने बताया कि तीन साल के काम और भुगतान की जांच में वर्ष 2023-24 में आठ हैंडपंप के रिबोर कराए जाने पर 2,22,260 रुपये का भुगतान किया गया है। जिसमें तीन हैंडपंप के रिबोर के स्थल और भुगतान का प्रमाण पत्र नहीं मिला है। जिसके लिए 83,347 रुपये का अधिक भुगतान निकाला गया है।
वर्ष 2022-23 में पंचायत भवन में राज्य वित्त और 15वां वित्त आयोग की मद से बैटरी, इंवर्टर के लिए 38,100 रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इंवर्टर और बैटरी नहीं मिली। तालाब सफाई के नाम 1,16,610 रुपये का भुगतान निकाला गया है, लेकिन तालाब की सफाई नहीं कराई गई है। नस्योली डामर गांव से नस्योली डामर बाजार तक मार्ग के दोनों ओर पटरी पर मिट़्टी काम के भुगतान में 20,516 रुपये अधिक खर्च किए गए हैं।