हरदोई। कहने को तो यह सरकारी कालोनी है, लेकिन यहां पर न तो जलनिकासी और न ही कूड़ा उठान की व्यवस्था है।
इससे कालोनी में गंदगी रहती है और कालोनीवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई ब्लॉकों में तो जलभराव और कूड़ा उठान न होने से दुर्गंध के कारण लोगों का निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
कांशीराम कालोनी में 1,500 आवास बने हुए हैं। नानकगंज ग्रंट में बनवाई गई कालोनी वैसे तो शहरी बेघर परिवारों के लोगों को आवंटित है और इसकी साफ-सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद के पास है। कालोनी के सभी आवासों में परिवार रह रहे हैं और यहां पर साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था न होने से गंदगी फैली हुई है। कालोनी में रख-रखाव की भी व्यवस्था नहीं है। इससे कालोनी में क्षतिग्रस्त होने वाले मार्गों और नालियों की भी मरम्मत नहीं हो पाती है।
कांशीराम कालोनी में कूड़ा उठान की व्यवस्था से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से अभी से कालोनी में नालियों के ओवरफ्लो होने से पानी भरा हुआ है, बरसात में तो समस्या और बढ़ेगी। बरसात में कालोनी में होने वाले जलभराव से भूतल के आवासों पर रहने वाले लोगों को और अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यहां पर ब्लॉक संख्या 122 से 125 तक तो गंदगी का ढेर लगा हुआ है।
कालोनीवासी राजू, अनुज कश्यप, बाबा गुप्ता और पूजा, भगवती ने बताया कि गर्मियों में पानी की टंकी की भी साफ-सफाई नहीं कराई गई है। टंकी की सफाई न कराए जाने से ऐसे ही जलापूर्ति कराई जा रही है।
कालोनीवासियों ने बताया कि कालोनी के पानी की निकासी के लिए कालोनी के पीछे नाला है। लोगों ने नाले पर भी अतिक्रमण कर लिया है। जगह-जगह नाला बंद हो गया है। इससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। बरसात में पानी निकासी के इंतजाम न किए गए तो कालोनी में जलभराव होगा।
कांशीराम कालोनी की साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगी है। सभी को नियमित काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कालोनी में साफ-सफाई न होने और कूड़ा उठान आदि न होने की संबंधित सुपरवाइजर से जानकारी ली जाएगी। -विनोद कुमार सोलंकी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद