फोटो-29- 10 सितंबर को संडीला में झंडा उठाने के दौरान निकली यात्रा के समय शैलेश अग्रिहोत्री का स्वागत
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हरदोई। अयोध्या मसले पर देश की सबसे बड़ी अदालत से आने वाले फैसले के मद्देनजर सभी जिलों को सतर्क कर दिया गया है। प्रशासन पूरी संजीदगी बरत रहा है। ऐसे में जिले में भी पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं लेकिन हकीकत ये है कि यहां कभी सांप्रदायिक सौहार्द नहीं बिगड़ा। यहां की गंगा जमुनी तस्वीर अन्य लोगों के लिए नजीर जैसी है। लोगों को भरोसा है कि अयोध्या मसले पर कोई भी फैसला आए, सौहार्द कायम रहेगा। ये वह हरदोई है जहां मोहर्रम के जुलूस में थकान महसूस होने पर मुस्लिम समाज के लोग गणेश महोत्सव के पंडाल में सुस्ता लेते हैं। मोहर्रम का जुलूस और झंडा मेला की यात्रा में शामिल लोग एक-दूसरे को गले लगा लेते हैं। पहले आप की तर्ज पर राह देने से भी नहीं हिचकते।
सातवीं मोहर्रम के जुलूस में गणेश पंडाल में अजादारों ने किया था आराम
पिहानी कस्बे में मोहर्रम के सातवीं का जुलूस सात सितंबर 2019 को निकला था। कस्बे में उन दिनों गणेश महोत्सव भी चल रहा था। मातम करते हुए शिया समुदाय के अजादार गणेश पंडाल के निकट पहुंचे तो गणेश पंडाल में मौजूद अभिषेक वैश्य, गुंजन रस्तोगी, शिवपूजन, प्रियम आदि ने अजादारों का स्वागत कर उन्हें जलपान कराया। जुलूस के दौरान हल्की थकावट महसूस कर रहे मातमदारों ने गणेश पंडाल में ठहरकर आराम भी किया। यहां जय गणेश और या हुसैन की मिली जुली आवाजें एक साथ गूंजती सुनाई दीं।
10 सितंबर 2019 को संडीला का ऐतिहासिक और पौराणिक झंडा मेला था। उसी दिन मोहर्रम भी थी। प्रशासन से लेकर पुलिस तक मुस्तैद थी। आखिर वह पल भी आया जब झंडा उठा और मेले से पहले होने वाली यात्रा शुरू हुई। दूसरी तरफ संडीला में मोहर्रम का जुलूस भी उठा। श्री महावीर जी का झंडा निकलते समय रास्ते में मेले का स्वागत मदरसा गौसिया के हसन मक्की ने पुरजोर ढंग से किया। मेला कमेटी के अध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री के साथ यात्रा में चल रहे अन्य लोगों का भी स्वागत किया गया। बाद में मोहर्रम का जुलूस भी शांतिपूर्ण ढंग से निकला।