प्रधानी चुनाव से पहले नाम शामिल व हटाए जाने को लेकर पारदर्शिता बरतने के डीएम के फरमान भी कर्मचारियों पर असर नहीं डाल रहे हैं। प्रधानी चुनाव में दावा करने करने वाले अब नाम बढ़वाने का आवेदन लेकर अधिकारियों की चौखट पर चक्कर लगा रहे हैं।
विकास खंड सुरसा की ग्राम पंचायत सर्रा निवासी माधुरी सिंह पत्नी रमेश सिंह ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसका वर्ष 2010 की पंचायत सूची में गांव के वार्ड नंबर सात के मतदाता क्रमांक 1043, मकान नंबर 145 पर नाम दर्ज था। वह इस साल प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ना चाहती हैं।
राजनीतिक कारणों के चलते बीएलओ जितेंद्र जो पूर्व प्रधान का रिश्तेदार है ने उसका नाम वोटर सूची से गांव का निवासी न होना बताकर हटवा दिया। साथ ही उसके पति रमेश पुत्र आदित्य, अमित व दो बहुओं के नाम भी कटवा दिए। माधुरी ने बताया कि नगर पालिका हरदोई में दर्ज नाम हटवाने के लिए वह निर्वाचन आयोग व एसडीएम को लिखित पत्र दे चुकी है।
लेखपाल जयराम उनसे सुविधा शुल्क की मांग कर रहा है। माधुरी ने बताया कि एसडीमए तहसीलदार से फरियाद करने के बाद भी उसकी समस्या का निदान नहीं निकला। इस तरह वह चुनाव लड़ने से वंचित रहेगी। उसका परिवार भी मताधिकार से वंचित रहेगा। माधुरी ने डीएम रमेश मिश्र को शिकायती पत्र देकर जांच कराकर उनके नाम नगर पालिका हरदोई की सूची से कटवाकर गांव सर्रा की मतदाता सूची में शामिल करवाए जाने की मांग की है।
जांच की मांग
सवायजपुर। विकास खंड भरखनी की ग्राम पंचायत मुड़रामऊ निवायसी चंद्रपाल राजपूत ने डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में निवर्तमान प्रधान अतर सिंह पर बीएलओ की साठगांठ से नाबालिगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि अनुज, रोशनी, लक्ष्मी, बेटी, आलोक, गीता देवी नाबालिग हैं। इनके नाम शिकायत के बावजूद सूची से हटाए नहीं गए हैं।