मतदाता सूची में नाम कटने के बाद मतदाताओं द्वारा
कलक्ट्रेट परिसर में आकर अपने गुस्से का इजहार करने का क्रम गुरुवार को भी
नहीं थमा। मन्नापुरवा की मतदाता सूची में 20 से ज्यादा नामों को कटा बता
ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया तथा जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर नामों को
शामिल करवाने की मांग की।
कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान रजनी
वर्मा और मेवाराम आदि ने बताया कि ग्राम मन्नापुरवा के वार्ड 15 से 20 से
अधिक वोटों को काट दिया गया, जबकि यही वोट 2010 में हुए प्रधान के निर्वाचन
में निर्वाचन नामावलियों में अंकित थे। बताया कि वर्तमान में ऐसा क्या हुआ
कि इन लोगों के नाम काट दिए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि इसके पीछे कोई
विभागीय या फीडिंग की त्रुटि भी हो सकती है, जिसको लेकर उनके नाम कट गए हैं
जिसको दिखाया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि नाम कटने वाले मतदाताओं में
शंभू, राम प्रताप, रानी, शीला, महिपाल, रजनी वर्मा, अंकिता, शुभम वर्मा,
सुरेश चंद्र, महेश्वरी, प्रेमवती, प्रेमचंद्र सहित 20 से अधिक हैं।
उन्होंने
आरोप लगाया कि ब्लाक के संबंधित बाबू और अधिकारी फर्जी वोटों को बढ़ाने
में तो दिलचस्पी रखते हैं, पर कटे वोटरों के नाम शामिल करवाने के नाम पर वह
अभद्रता करने तक से नहीं चूकते। ग्रामीणों ने इस दौरान प्रदर्शन किया तथा
जिलाधिकारी रमेश मिश्र को ज्ञापन सौंपकर उनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल
करवाने की मांग की।
इस मौके पर मेवालाल, कमलेश, नीतू, छोटे लाल, सुरेश
चंद्र सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे। उधर, हरपालपुर की ब्लाक
प्रमुख अंजलि पाठक के पति कमलेश पाठक समेत परिवार के 10 और करीब 25 समर्थक
मतदाताओं के वोट अंतिम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए। इसकी जानकारी लगते
ही खलबली मच गई। कमलेश पाठक ने क हा कि वह मामले को चुनाव आयोग तक ले
जाएंगे।