फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: यूकेलिप्टस के बाग में मिला महिला का निर्वस्त्र शव

विज्ञापन
विज्ञापन
बेनीगंज (हरदोई)। महिला की हत्या कर उसका शव छोटी ढकिया गांव स्थित एक यूकेलिप्टस के बाग में फेंक दिया गया। शनिवार रात निर्वस्त्र अवस्था में शव मिलने के लगभग चार घंटे बाद शव की पहचान हो गई। महिला शनिवार को अपने ससुर के साथ बैंक खाते से रुपये निकालने गई थी और उसके बाद संदिग्ध हालात में एक ऑटो पर सवार होकर चली गई थी। पुलिस सभी बिंदुओं पर घटना की जांच कर रही है।
विज्ञापन

बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के बड़ी ढकिया निवासी माया प्रकाश चंडीगढ़ में ऑटो चलाता है। उसका बड़ा पुत्र साथ में रहता है। पत्नी सरोज (35) चार बेटियों के साथ गांव में रहती थी। सरोज का ससुर गोकरन दास गांव के बाहर एक पेड़ के नीचे कुटी बनाकर रहता है। गोकरन के मुताबिक सरोज शनिवार सुबह 10.30 बजे उसके साथ कोथावां गई थी। माया प्रकाश ने गोकरन के बैंक खाते में सात हजार रुपये भेजे थे। यह रुपये निकालने के बाद दोनों पैदल वापस गांव जा रहे थे।
गोकरनदास आगे निकल गए और पीछे आ रही सरोज इसी दौरान एक ऑटो में बैठ गई। इसके बाद देर रात सरोज का शव गांव से कुछ दूर छोटी ढकिया में बेला बाबा के पुल के पास यूकेलिप्टस के बाग में पड़ा मिला। शव मिलने की जानकारी पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन भी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन

अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह और सीओ हरियावां अजीत चौहान ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना का खुलासा करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि सरोज की हत्या की गई है। हत्यारोपी और वजह की तलाश की जा रही है।


शव से कुछ ही दूरी पर मिले चार पौव्वे कर रहे बहुत कुछ इशारा
बाग में जहां पर सरोज का शव मिला है उससे 20 कदम दूरी पर शराब के चार खाली पौव्वे भी मिले हैं। ग्रामीणों और आसपास के शराब के ठेकों से मिली जानकारी के मुताबिक सरोज शराब पीती थी। शुक्रवार को भी उसने शराब पी थी। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने बताया कि सरोज के शराब का शौक ग्रामीणों और ससुर से भी पता चला है। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा।


माया प्रकाश के साथ 15 साल पहले चंडीगढ़ से आई थी सरोज
सरोज का मायका कछौना कोतवाली क्षेत्र के कहलइया गांव में होने की बात प्राथमिक जांच में पता चली है। पुलिस से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि 17 साल पहले सरोज की शादी बहदिन निवासी एक युवक के साथ हुई थी। युवक और सरोज चंडीगढ़ में रहकर मजदूरी करते थे। वहीं, माया प्रकाश भी रहता था। इसी दौरान माया प्रकाश और सरोज के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। अब से 15 साल पहले सरोज चंडीगढ़ से माया प्रकाश के साथ आकर गांव में रहने लगी थी। दोनों पिछले 15 साल से पति पत्नी की तरह ही रह रहे थे। दोनों के पांच बच्चे भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें