हरदोई। मंगलवार देर रात अचानक बिजली की चमक और हवाओं के साथ हुई बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। वहीं आम के बौर झड़ गए। हालांकि बारिश तकरीबन 20 मिनट ही हुई और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। लेकिन, इससे तैयार हो चुकी सरसों की फसल चौपट हो गई।
तेज हवा के कारण गेहूं की फसल पलट गई और अरहर के फूल व आम के बौर गिर गए। कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक और किसान भी पानी को गेहूं की फसल के लिए लाभकारी बता रहे हैं।
पिहानी क्षेत्र में बारिश से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। कछौना क्षेत्र में बारिश के साथ ओले पड़ने से फसलों को नुकसान हुआ। किसान रामप्रसाद, पिंकू, पंकज, रमेश सिंह, अरविंद, मंगेश आदि ने बताया की सरसों में फूल गिर गए हैं, इससे पैदावार कम पड़ जाएगी। संडीला क्षेत्र में गेहूं की फसल को कम नुकसान हुआ है जबकि, सरसों की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है।
माधौगंज क्षेत्र के किसान संजीव कुमार, परशुराम, ननहक्के, कमल सिंह ने बताया कि सरसों की फसल पक चुकी है जिसकी कटाई चल रही है, पानी गिरने से फसल खराब हो जाएगी। सरसों की फसल की मड़ाई नहीं हो पाएगी।
भरावन क्षेत्र के किसान बलराम ने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल को अमृत मिला है और सरसों को नुकसान हुआ है। सांडी के लाहौरी पुरवा में अगेती गेहूं की फसल पलट गई। हरियावां क्षेत्र में भी फसलों को नुकसान हुआ। टड़ियावां क्षेत्र के हरिहरपुर से सैचामऊ मार्ग पर फिसलन व कीचड़ हो गया। कृषि विज्ञान केंद्र तत्योरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सीपीएन गौतम ने बताया कि ओलावृष्टि आम, अमरूद, केला, बेर, कद्दू वर्गीय फसलों के साथ ही मटर, चना, अरहर आदि सभी फसलों के लिए नुकसानदेय है। बारिश आम, अरहर और फूल वाली फसलों को भी नुकसान है।
बारिश, ओलावृष्टि और हवाओं से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के माध्यम से कराया जाएगा। दैवीय आपदा की व्यवस्था के अनुसार 33 प्रतिशत व इससे अधिक नुकसान पर संबंधित किसान को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे कराने के लिए कहा गया है।
प्रियंका सिंह, एडीएम