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मुझे दुनिया के किस्से मत सुनाओ, मैं कब्रिस्तान होकर आ रहा हूं ...

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पिहानी देश-विदेश में अपनी शायरी के जरिए कस्बे को पहचान दिलाने वाले नौजवान शायर सलमान जफर के जन्मदिन पर शनिवार की रात चपरतला रोड पर महफिले मुशायरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले शायरों ने अपने अपने कलाम व शायरी पेश कर वाहवाही लूटी।
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उस्ताद शायर हाजी वसीउल्लाह अर्शी पिहानवी ने महफिल की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हजार तरह के आसेब आके बस जाएं, मकान-ए-जां में अगर आपका कयाम न हो। बुजुर्ग शायर बेकल पिहानवी ने पढ़ा कि ये उसके खून की फितरत है जो बदलती नहीं, हसद है दिल में, दिखावे का प्यार करता है।
नौजवान शायर सलमान जफर ने कहा कि मुझे दुनिया के किस्से मत सुनाओ, मैं कब्रिस्तान होकर आ रहा हूं। कामिल अमान ने शेर सुनाया कि मचाए शोर जो दिल में वही तो प्यार है कामिल, इसी को कहते है, यही तो आशनाई है। जमाल शाहनवाज ने कहा कि दिल ये चाहता है हर शख्स से यारी करूं, इसलिए लाजिम है हम पर अब अदाकारी करूं।
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संचालक एमएफ कैफी ने पढ़ा कि मोहब्बत में कमी आने लगी है, मेरा साजन पलटता देर में है। इसके अलावा अफजाल अहमद आरजू, मास्टर साजिद पिहानवी आदि ने भी महफिल में शेर पढ़े। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
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