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मेडिकल कालेज के निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, मई तक होगा पूरा

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msdical college construction work speed - फोटो : HARDOI
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हरदोई। दिसंबर तक गौराडांडा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के पहले चरण का निर्माण पूरा होने की संभावना है। शासन ने मेडिकल कॉलेज के लेक्चर रूम और हॉस्टल का निर्माण 31 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर के बाद यहां एमबीबीएस के 100 विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
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गौराडांडा में राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है। कुल दो अरब छह करोड़ 33 लाख रुपये की परियोजना है। निर्माण कार्य फरवरी 2021 तक पूरा करने के निर्देश और लक्ष्य था, लेकिन कोरोना संकट के कारण तीन माह कार्य पूरी तरह बाधित रहा। ऐसे में अब शासन ने मई 2021 तक शत प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। निर्माण कार्य दो हिस्सों में हो रहा है। गौराडांडा में 16.50 एकड़ भूमि में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। इससे इतर जिला चिकित्सालय में भी निर्माण कार्य होना है।
पुराने परिसर में होगा टीचिंग हॉस्पिटल
जिला अस्पताल के पुराने परिसर में टीचिंग हॉस्पिटल बनाया जाएगा। सात मंजिला इमारत इसके लिए बनाई जाएगी। एक हॉस्टल ब्लॉक भी विकसित किया जाएगा। इसमें 4800 लोगों की क्षमता वाला नर्सेज हॉस्टल, 31 लोगों के लिए जूनियर रेजीडेंट हॉस्टल और इतनी ही क्षमता का सीनियर रेजीडेंट हॉस्टल भी बनाया जाएगा। यहां ओपीडी का भी संचालन होगा और मुख्य भवन आठ तल का होगा। निर्माण कार्य कराने के लिए जिला चिकित्सालय परिसर की ऐसी इमारतों को तोड़ा जा रहा है, जो पचास वर्ष या उससे अधिक पुरानी थीं। इसके लिए नीलामी की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। जिला अस्पताल परिसर की बीस इमारतें तोड़ी जा रहीं हैं।
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आठ तल का होगा मेडिकल कॉलेज का भवन
कार्यदायी संस्था के मुताबिक गौराडांडा में निर्माणाधीन परिसर में आठ तल का मुख्य भवन होगा। इसमें प्रशासनिक भवन के अलावा लाइब्रेरी, लेक्चर हॉल, अकाडमिक और कैफेटेरिया का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा 120 छात्राओं और 180 छात्रों के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए जाएंगे। दोनों इमारतें सात तल की होंगी। 50 लोगों के रहने के लिए एक इंटर्न हॉस्टल भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा नवीन परिसर में टाइप-टू के 12, टाइप-3 और टाइप-4 के 20-20, टाइप-5 के आठ आवास और एक डायरेक्टर आवास भी बन रहा है। राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक जेएन चक्रवर्ती ने बताया कि हॉस्टल और लेक्चर हॉल का निर्माण 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश शासन से मिला है। कार्य तेजी से कराया जा रहा है और निर्धारित समयावधि से पहले ही कार्य पूरा हो जाएगा। निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ख्याल रखा जा रहा है। निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की टेस्टिंग लगातार बनारस विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से भी कराई जा रही है।
बजट का अभाव नहीं
परियोजना प्रबंधक जेएन चक्रवर्ती ने बताया कि निर्माण कार्य में बजट का अभाव नहीं है। दो अरब से अधिक की परियोजना के सापेक्ष 76 करोड़ रुपये शासन से अवमुक्त हो चुके हैं। अब तक हुए निर्माण कार्यों पर 42 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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