गोपामऊ (हरदोई)। नगरीय निकाय में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) होने के बाद भी मार्गों के किनारे कूड़ा डंप किया जा रहा है।
कस्बे से निकलने वाले पिसावां, पिहानी और सरखना मार्ग किनारे निकाय के कर्मचारियों की ओर से कूड़ा डंप किए जाने से आवागमन करने वाले लोगों को दुर्गंध से दिक्कतें होती हैं। इसके साथ ही प्रदूषण भी फैल रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन नगरीय को नगरीय निकाय के ही जिम्मेदार आईना दिखा रहे हैं। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। इसके बावजूद गीला और सूखा कूड़ा घरों के बाहर तो अलग-अलग रखवाया जा रहा है। इसका प्रतिदिन उठान भी कराया जा रहा है लेकिन, कूड़ा डंपिंग ग्राउंड के बजाय मार्गों के किनारे डंप किया जा रहा है।
नगर पंचायत गोपामऊ का एमआरएफ सेंटर और कूड़ा डंपिंग ग्राउंड पिसावां रोड पर स्वास्थ्य केंद्र के पास है। कूड़ा निस्तारण मशीनों का ट्रायल भी हो चुका है। मार्गों के किनारे कूड़ा डंप किए जाने से वहां पर रहने वाले परिवारों के साथ ही राहगीरों को दुर्गंध से समस्या होती है।
अधिशासी अधिकारी डीके भार्गव ने बताया कि कर्मचारियों की ओर से कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में नहीं ले जाया जा रहा है इसकी जानकारी नहीं थी। कूड़े को निर्धारित स्थान पर डलवाया जाना चाहिए। एमआरएफ सेंटर की मशीनें चालू हैं। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाएगी।