उत्तर प्रदेश में कार्यरत 3575 एमपीडब्लू संविदा
पुरुष कर्मियों का मानदेय बढ़ाए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश
एमपीडब्लू पुरुष संविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और
कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में जमकर प्रदर्शन करते हुए
नारेबाजी की।
इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को
सौंपकर कार्रवाई कराए जाने की मांग की। मिली जानकारी के अनुसार,
कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान एमपीडब्लू पुरुष संविदा कर्मचारी
संघर्ष समिति के जनपदीय अध्यक्ष शिवम सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में
3575 एमपीडब्लू संविदा कर्मी प्रदेश में लगभग तीन साल से निरंतर अपनी
सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह लोग गांव-गांव जाकर डेंगू,
मलेरिया, इंसेफलाइटिस, कालाजार जैसी अन्य कई खतरनाक बीमारियों पर रोकथाम
करते हैं। जिसके बदले में तीन साल आज तक सिर्फ छह हजार रुपये मानदेय दिया
जा रहा है। कहा कि इतने कम रुपयों में उनको रोजमर्रा का जीवन यापन
करने के लिए आर्थिक व सामाजिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने
कहा कि उनके पद से नीचे के पदों पर तैनात ड्राइवर, वार्ड ब्वाय आदि को सभी
से दो गुने या फिर तीन गुना मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस
जिले में भी 153 एमपीडब्लू कार्यरत हैं, जो पिछले क ाफी समय से कार्य कर
रहे हैं, पर उनका मानदेय अभी तक दिया ही नहीं गया है।
इस दौरान एमपीडब्लू
कर्मियों ने नारेबाजी भी की तथा मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन
जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंपकर मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की। इस दौरान
रामप्रताप सिंह यादव, आदर्श तिवारी, रोहित सिंह, सुनीत कुमार पाल, रनवीर
यादव और विजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।