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Hardoi News: 50 से ज्यादा डेंगू पीडि़त, निपटने के इंतजाम नाकाफी

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फोटो-08- डेंगू वार्ड के बाहर चस्पा सूचना पत्र। संवाद
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फोटो-09- डेंगू वार्ड में भर्ती हड्डी विभाग के मरीज। संवाद
मरीजों के मिलने के बावजूद अभी तक वार्ड भी नहीं आरक्षित
- डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने से प्लेटलेट्स की खपत भी बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बदल रहे मौसम में बुखार के रोगियों संख्या तेजी से बढ़ी है। जांच कराने पर मलेरिया के मरीजों के साथ रोजाना एक से दो मरीज डेंगू के भी सामने आ रहे हैं। मरीज मिलना शुरू हो गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अभी मुकम्मल तैयारियां भी नहीं कर पाया है। मेडिकल कॉलेज में डेंगू मरीजों के लिए वार्ड तक आरक्षित नहीं है। शहर से लेकर गांव तक में साफ सफाई के दावे भी हवहवाई हैं।
जिले में डेंगू के मरीजाें की संख्या लगातार बढ़ रही है। आलम यह है कि बीते डेढ़ माह में 50 के करीब मरीज सामने आ चुके हैं। कई लोग इलाज कराकर स्वस्थ हो चुके हैं, लेकिन अभी कई ऐसे हैं जो स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर भरोसा न कर निजी क्लीनिकों पर इलाज करा रहे हैं।
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डेंगू के मामलों में आंकड़ेबाजी कर स्वास्थ्य विभाग जिले में डेंगू के मामलों को नकारने की कोशिश कर रहा है लेकिन हकीकत एक यह भी है कि इन दिनों ब्लड बैंक में भी प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई हैं। रोजाना पांच से छह यूनिट प्लेटलेट्स की डिमांड हो रही है।
लगातार आ रहे मरीज और प्लेटलेट्स की मांग के चलते यह तो साबित है कि जिले में मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन तैयारियों की बात की जाए तो स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। मेडिकल कॉलेज में डेंगू मरीजों के लिए वार्ड तक आरक्षित नहीं किया गया है। वार्ड में अभी तक हड्डी के मरीज भर्ती हैं।

रोजाना पांच से छह यूनिट प्लेटलेट्स की हो रही खपत
मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की खपत तेजी से बढ़ी है। बीते 50 दिनों में 506 यूनिट प्लेटलेट्स की खपत हो चुकी है। हालांकि चिकित्सकों ने यह भी बताया है कि प्लेटलेट्स की आवश्यकता डेंगू के अलावा मलेरिया और वायरल बुखार में भी जरूरत पड़ जाती है। ब्लड बैंक प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि पांच से छह यूनिट प्लेटलेट्स रोज ही दी जा रही हैं।

डेंगू वार्ड के आसपास फैली गंदगी
डेंगू से निपटने के लिए जिले में बेहतर इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं न तो डेंगू वार्ड अभी तक बनाया गया है और न ही आसपास गंदगी साफ की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल के आसपास भी नियमित रूप से छिड़काव नहीं किया जा रहा है और न ही इसको लेकर कोई प्रयास किया जा रहा है।
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वर्जन
डेंगू वार्ड के निरीक्षण किया गया है, इधर एक्सीडेंट के मामले अधिक आए हैं। इसके चलते वार्ड में मरीज भर्ती करा दिए गए, लेकिन जल्द ही मरीजों को शिफ्ट कर वार्ड व्यवस्थित कर दिया जाएगा।-डॉ. चंंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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