मनरेगा की कार्य प्रक्रिया को आनलाइन करने को लेकर
शुक्रवार को सात विकास खंडों के प्रधान व ब्लाक तथा पंचायत कर्मियों को
मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम की जानकारी दी गई। प्रेक्षागृह में हुई कार्यशाला
में सीडीओ ने कर्मियों को मासिक लेबर बजट के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने
कार्यों की प्रगति बढ़ाने के साथ ही प्रधानों को सरकार की योजना से अवगत
कराया। केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 13-14 में सबसे ज्यादा मानव
दिवस सृजित करने वाली हर विकास खंड की 10-10 ग्राम पंचायतों में मोबाइल
मानीटरिंग सिस्टम लागू करना है। जिसको लेकर ही तीन दिवसीय कार्यशाला का
आयोजन किया गया।
22 अप्रैल से शुरू कार्यशाला में शुक्रवार को अंतिम दिन
विकास खंड टोडरपुर, शाहाबाद, कछौना, संडीला, भरावन तथा बेहंदर के प्रतिभागी
प्रशिक्षित किए गए। सीडीओ विजय गुप्ता की अध्यक्षता में कार्यशाला के
अंतिम दिन ग्राम पंचायतों से आए प्रधान, बीडीओ, अतिरिक्त कार्यक्रम
अधिकारी, सहायक लेखाकार, ग्राम पंचायत अधिकारी व तकनीकी सहायक को मनरेगा
कार्याें की जानकारी दी गई।
कहा कि अब लेबर बजट हर माह बनाया जाएगा और
बजट को हर माह समाप्त करना होगा। अगले माह में पुराने माह का बजट नहीं
जोड़ा जाएगा। उन्होंने प्रधानों को भी मनरेगा योजना में पारदर्शिता बरतने
को कहा। डीसी मनरेगा अनिल सिंह ने कहा कि हर विकास खंड की 10 ग्राम
पंचायतों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रधान के निर्देशन में पंचायत
कर्मी को टैबलेट दिए जाएंगे।
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी राजू गौतम ने
मोबाइल से पंचायत कर्मियों और प्रधानों को मनरेगा की आनलाइन वर्किंग का
प्रशिक्षण दिया। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार, एई डीआरडीए
आरके सिंह व संबंधित विकास खंडों के बीडीओ मौजूद थे।