सोमवार का दिन शहर की सड़कों ही नहीं गलियों की डगर
पर भी चलने के लिए मुश्किल भरा रहा। शहर जाम के झाम में फंसकर कराहता रहा।
कभी नुमाइश चौराहे पर तो कभी सिनेमा चौराहे पर तो कभी जिंदपीर चौराहा पर
जाम लगता रहा।
इससे यातायात कर्मियों के साथ ही पुलिस को परेशान होना पड़ा।
देर दोपहर बाद किसी तरह से शहर में यातायात कुछ कम पड़ने के साथ सामान्य
हुआ। आज जाम ने लोगों को काफी परेशान किया। यातायात के साधनों के कुछ अपवादों को यदि छोड़ दें तो डग्गामार वाहन लोगों
की जिंदगी के लिए काल बने हुए हैं।
जीप, टेंपो और यहां तक कि बसें तक मानक
से अधिक सवारियों को लेकर चलने की होड़ में उनकी जिंदगियों से खिलवाड़
करने में कोई गुरेज तो नहीं ही करती हैं, इसके साथ आम आदमी जो स्वयं ऐसे
खतरनाक सफर कर रहा, उसे भी अपनी जिंदगी से कोई लेना देना नहीं है।
शायद
तभी रफ्तार के साथ आड़ी तिरछी चलने वाली मिनी बसों पर ऐसे लटक कर शायद ही
कोई अपने गंतव्य पर पहुंचने का मंसूबा बना पाता हो। उध्ार, शहर में बेलगाम होकर यातायात कैसे चलता है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया
जा सकता कि शहर में कई सड़कों पर यातायात नियंत्रित करने को लगाए गए
प्लास्टिक के अस्थाई डिवाइडर जमींदोज हो गए।
यातायात नियमों की धज्जियां
उड़ाकर चलने वाला यातायात लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। खुलेआम आटो
रिक्शा आदि पर ओवर लोडिंग होती है, पर जिम्मेदार इस ओर कार्रवाई करने से
बचते रहते हैं। उध्ार, शहर कोतवाल
नागेश मिश्रा ने माना कि शहर में जाम की समस्या बढ़ रही है। इस बाबत सोमवार को उन्होंने
अफसरों को अवगत कराया है और वे इस ओर जरूरी कार्रवाई के प्रयास करेंगे।