मनरेगा कार्यों को गति देने को लागू किए जा रहे
मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम के लिए आयोजित कार्यशाला में छह विकास खंडों से आए
ग्राम प्रधान व पंचायत कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रेक्षागृह में
सीडीओ की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में प्रशिक्षक ने कई जानकारियां दी।
साथ ही प्रधानों को को फसलों में वृद्धि करने के उपाय भी बताए गए और
पशुपालन पर भी जोर दिया गया। मनरेगा का कार्य पारदर्शी ढंग से चले और
कार्यों को गति देने को सरकार ने मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम लागू किया है,
जिसमें मनरेगा कार्यों में तेजी आ सके।
वैसे तो मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम को
अभी जिले के विकास खंडों की 10-10 ग्राम पंचायतों में लागू किया गया है,
पर इसका प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कार्यशाला के दूसरे दिन गुरुवार को
सांडी, हरपालपुर, बिलग्राम, भरखनी, मल्लावां व कोथावां से आए प्रधान सहित
बीडीओ, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, सहायक लेखाकार, ग्राम विकास और पंचायत
अधिकारी तथा तकनीकी सहायक को प्रशिक्षित किया गया।
सीडीओ विजय गुप्ता ने
प्रधानों को बताया कि बेमौसम बारिश से किसान की कमर तो वैसे ही टूट गई है,
पर अब आने वाले समय में किसान को अपने खेतों को उपजाऊ बनाने को आधुनिकता
को अपनाना होगा। इस दौरान मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम के बारे में भी जानकारी
दी गई।
मनरेगा उपायुक्त अनिल सिंह ने मनरेगा कार्याें की फीडिंग पारदर्शिता
पूर्ण ढंग से करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षक अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी
राजू गौतम ने ग्राम प्रधान व अफसरों को फीडिंग के बारे में पूरी जानकारी दी
और शंकाओं का समाधान भी किया। प्रशिक्षण में संबंधित विकास खंडों के बीडीओ
और अन्य अफसर मौजूद थे।