सवायजपुर (हरदोई)। भाजपा विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने एसडीएम सवायजपुर पर भ्रष्ट होने का आरोप लगा आईजीआरएस के जरिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। एसडीएम पर कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने की बात कही है। शिकायत की जांच के लिए सीडीओ निधि गुप्ता वत्स ने परियोजना निदेशक, उपायुक्त मनरेगा और उपायुक्त स्व रोजगार की टीम गठित कर दी है। एक सप्ताह के अंदर जांच आख्या देने को कहा गया है।
सवायजपुर से भाजपा विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने एसडीएम मनोज कुमार सागर की लिखित शिकायत सीएम से की है। पांच जून को आईजीआरएस के जरिये की गई शिकायत में विधायक ने कहा है कि एसडीएम मनोज सागर ने स्वदेश नाम का प्राइवेट व्यक्ति अपने साथ रखा है। आरोप है कि स्वदेश एसडीएम के लिए अवैध वसूली करता है। इतना ही नहीं वह तहसील के पटलों पर जाकर निरीक्षण करता है। एसडीएम के पास यदि कोई समस्या लेकर जाता है तो स्वदेश को बताने के लिए कह दिया जाता है। विधायक का कहना है कि भाजपा के पदाधिकारियों, क्षेत्रीय लोगों, स्थानीय अधिवक्ताओं और ग्राम प्रधानों से भी एसडीएम अभद्रता करते हैं। विधायक का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान थानों से आने वाले धारा-151 के चालान की जमानत देने के लिए एसडीएम लोगों को हरदोई स्थित आवास बुलाते हैं और देर रात तक बैठाकर जमानत देते हैं। विधायक का आरोप है कि जमानतदार होने के बाद भी दो से पांच हजार रुपये घूस न देने पर एसडीएम किसी को भी जेल भेज देते हैं।
मोबाइल लोकेशन से पता चलेगी हकीकत
विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने कहा कि एसडीएम मनोज सागर सवायजपुर कितने वक्त और कितने दिन रहते हैं, ये जानने के लिए एसडीएम के सीयूजी नंबर की लोकेशन निकलवा ली जाए। आरोप है कि लॉकडाउन में जब दुकानदारों, वाहन चालकों और अन्य आवश्यक सेवाओं के मैनुअल पास जारी किए जा रहे थे तो भी एसडीएम तहसील नहीं आते थे। हरदोई स्थित आवास पर कार्य करते थे। इसके कारण लोगों को दौड़ना पड़ता था।
एसडीएम की सुनिए
एसडीएम मनोज सागर ने कहा कि उन पर विधायक द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि वह शासन की मंशा के अनुसार ही कार्य कर रहे हैं।