शाहाबाद (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कालागाढ़ा से मां-बाप संग लापता किशोरी का शव सोमवार देर रात गांव से कुछ दूर गर्रा नदी के किनारे दफन मिला। पुलिस ने डीएम से अनुमति लेकर खुदाई करवा शव निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के माता-पिता का अब भी सुराग नहीं लगा है। पोस्टमार्टम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक किशोरी की मौत सिर पर किसी वजनदार वस्तु से वार किए जाने के कारण हुई है। उसके सिर की हड्डियां चकनाचूर थीं। इससे हत्या कर उसका शव दफनाने की आशंका है।
कालागाढ़ा निवासी वृद्ध ने सोमवार को शाहाबाद कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि दो मई की रात ढाई बजे उसका पुत्र और बहू पौत्री (17) को लेकर बोलेरो से गए थे। इसके बाद से तीनों का कोई पता नहीं है।
इस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। एक ही परिवार के तीन लोगों के लापता होने के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया और कोतवाल महेश चंद्र पांडेय सोमवार रात ही गांव जांच करने पहुंच गए। इस दौरान गोपनीय रूप से मिली जानकारी के आधार पर कोतवाल पुलिस टीम के साथ गांव से कुछ दूरी पर स्थित गर्रा नदी के किनारे पर पहुंचे। यहां के हालात देखकर उन्होंने शव दफन होने की आशंका जता खुदाई कराई तो लापता किशोरी का शव मिला। कोतवाल महेश चंद्र पांडेय ने बताया कि किशोरी के माता-पिता अब भी गायब हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
कई बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि गांव निवासी युवक के साथ किशोरी की नजदीकी थी। एक वर्ष पहले इसको लेकर युवक और किशोरी के परिजनों में विवाद हुआ था, लेकिन तब मामला सुलह से निपट गया था। पुलिस अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। कोतवाल महेश चंद्र पांडेय का कहना है कि दो बिंदु बेहद अहम हैं। या तो प्रेमप्रसंग में परिजनों ने उसके साथ मारपीट की या फिर कुछ ऐसा हुआ जिसमें युवक ने ही उसकी हत्या कर दी।