मंगलवार को मौसम का पारा एक डिग्री लुढ़ककर 43 डिग्री
सेल्सियस पर आ गया, पर लोगों को गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिल पाई।
दिनभर पछुआ हवाएं चलने से लोगों पर लपट झपटती रही, जिससे लोग बेहाल रहे।
जानकारों
का कहना है कि अगर प्री मानसून बारिश न हुई, तो लोगों को गर्मी से राहत के
लिए मानसून के आने का इंतजार करना होगा। बारिश होने की आस में लोगों की
निगाहें आसमान की ओर लगी हैं, पर बारिश तो होना दूर बादल तक नहीं आ रहे
हैं, जिससे लोगों में तपिश और हवाओं की जलन से बिलबिलाहट सी हो रही है।
तेज
धूप के साथ ही पछुआ हवाओं के चलने के कारण वातावरण में लोगों को भीषण
गर्मी के साथ ही लपट का अहसास हो रहा है। बीते दिन अधिकतम पारा 44 डिग्री
सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो मंगलवार को 43.0 में आ गया, वहीं न्यूनतम
28.0 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, पर दोपहर से लेकर देर शाम तक लोगों का भीषण
गर्मी से हाल खराब रहा।
गर्मी और धूप से बचने के लिए लोगों ने तरह-तरह के
जतन भी किए। किसी ने छाता लगाया तो किसी ने चेहरों को ढका और तमाम लोगों ने
शीतल पेय पदार्थों का सेवन कर गला तर कर गर्मी से निजात की कोशिश की।