अप्रैल माह में ही मौसम के तेवर और भी अधिक गर्म हो
चले हैं। जिसके चलते लोग अभी से गर्मी का सामना करने को विवश हैं। सूरज की
तपिश के चलते तेज धूप ने लोगों के चेहरों की रंगत को उड़ा दिया है। तेज धूप
के चलते लोगों को आसमान से आग बरसने का अहसास हो रहा है।
सूरज के तेवर
यूं ही जारी रहे, तो इस बार भविष्य के माहों में तापमान का स्तर नए रिकार्ड
बनाकर लोगों को काफी परेशान करेगा। कुछ ऐसी ही चेतावनी मौसम के गरम होते
मिजाज को देखकर मौसम वेधशाला के प्रभारी जयशंकर ने अपने अनुमान के मुताबिक
दी है।
उन्होंने बताया कि मई, जून, जुलाई में तापमान बढ़ने के आसार हैं।
जिले में आंधी ज्यादा आएगी, पर यदि नहीं आई तो यह पारा लोगों को तपिश में
बहुत सताएगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री एवं
न्यूनतम 22.6 डिग्री रहा। इधर, तेज धूप के साथ ही चल रही गर्म हवाएं लोगों
को चुभने लगी हैं।
गर्म हवाओं के थपेड़ों से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया
है और लोगों के लिए दो पहिया वाहनों से चलना और पैदल निकलना काफी मुश्किल
भरा हो गया है। उधर, गर्मी का असर दोपहर के बाद देर शाम तक महसूस किया गया।
पंखों से भी गर्म हवा निकलने के लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पाई।
पंखों से राहत न पाकर अब कूलर भी लोगों के कमरों और दुकानों पर शोभायमान
होने लगे हैं। बाजारों में शीतल पेयों के साथ लस्सी, मिल्क बादाम, आइसक्रीम
एवं ठंडे पानी के साथ ठंडा दही और मट्ठा लोगों की पसंद बनने लगी है। इसी
के साथ मौसमी फल एवं खीरा ककड़ी के अलावा आम का पना, जलजीरा, नीबू पानी,
जलजीरा, बेल का शर्बत आदि लोगों को भा रहा है।
गर्मी से सूखते हलक को तर
करने एवं बिगड़ी चेहरों की रंगत को वापस लाने को लोग ठंडे पेय पदार्थ
उपयोग कर रहे, जबकि धूप से बचने का छातों एवं कपड़ाें का सहारा लेते हुए
राहगीर भी छांव तलाशते नजर आते हैं।