फोटो-11- मेडिकल कॉलेज के हड्डी वार्ड में बिस्तरों पर बिछी पुरानी चादरें। संवाद
- हर रोज चादर बदलने का है नियम, गंदी चादर से रहता संक्रमण का खतरा
- जिम्मेदारों की लापरवाही से सुधर नहीं पा रहीं व्यवस्थाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में भर्ती के समय जो बेडशीट बिस्तर पर डाली जाती है। वह भर्ती मरीज की छुट्टी होने तक पड़ी रहती है और दूसरा मरीज आने पर ही बदली जाती है, जबकि मरीजों की बेडशीट को रोज बदलने का नियम है।
रोजाना बेडशीट नहीं बदलने से मरीजों में संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज के कई वार्डों में जाकर जानकारी की गई ताे सभी मरीजों ने प्रतिदिन बेडशीट न बदलने जाने की बात कही।
केस-1- पिहानी विकास खंड के गांव संतरहा निवासी डिप्टी को हड्डी वार्ड में बृहस्पतिवार को भर्ती किया गया था। डिप्टी ने बताया कि वह जिस दिन भर्ती हुए थे। उसी दिन बेडशीट बदली गई थी। उसके बाद से बेडशीट नहीं बदली गई। बताया कि उनके बेड के आसपास गंदगी भी पड़ी हुई है। उनके तीमारदार ने कई बार सफाई के लिए बोला लेकिन किसी ने सफाई नहीं की है।
केस-2- टड़ियावां के गोपामऊ के निकट सेखवापुर निवासी किरन ने बताया कि वह तो मंगलवार को अस्पताल में भर्ती हुईं थीं। उस दिन के बाद से उनकी बेड का चादर एक बार भी नहीं बदला गया। उन लोगों को तो यह भी नहीं पता है कि बिस्तर का चादर राेज बदलने का नियम है। कहा कि उन्होंने तो अस्पताल के स्टाफ से कंबल भी मांगा था लेकिन उन्होंने लाकर नहीं दिया। घर से कंबल मंगवाना पड़ा है।
बिस्तरों पर दिखीं गंदी बेडशीट
बेडशीट की धुलाई आउट सोर्सिंग से कराई जाती है। मरीजों के बिस्तरों की चादरों को रोज बदलने के साथ प्रतिदिन धुलाई निर्देश हैं। मेडिकल कॉलेज में इसके विपरीत ही काम हो रहा है। प्रतिदिन बेडशीट तो बदली नहीं जाती हैं और जो बदली गई हैं वह भी साफ धुली नजर नहीं आ रही हैं। इससे मरीजों को संक्रमण का खतरा बना रहता है। अधिकारी व्यवस्था सुधारने का लगातार दावा कर रहे हैं, लेकिन कुछ कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उम्मीदों पर पानी फिरता जा रहा है।
वर्जन
मरीजों के बिस्तरों की चादरों को रोजाना बदलने के नियम हैं, इतने ही दिन में दोबारा भी चादरों को बदलवाया जा सकता है। चादरें रोज धुलवाई जाती हैं यदि वार्ड में ऐसा नहीं हो रहा है तो जानकारी कर उचित कार्रवाई करेंगे।- डॉ. जविन बिष्णु गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज