-01- मेडिकल कॉलेज में पुलिस सहायता केंद्र में बंद पड़ी एलईडी। संवाद
फोटो-02- महिला चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर लगे सीसी कैमरे। संवाद
फोटो-03- मेडिकल कॉलेज के मुख्यद्वार पर लगे सीसी कैमरे। संवाद
कैमरे खराब होने से निगरानी के लिए लगे मॉनिटर भी बंद
वारदात होने पर घटनाओं की छानबीन में भी आती परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के दावे कागजी साबित हो रहे हैं। घटनाओं पर नजर रखने के लिए लाखों की लागत से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे शोपीस बनकर रह गए हैं। अस्पताल परिसर में लगे कुल 64 कैमरों में से आधे से अधिक कई दिनों से खराब पड़े हैं। कैमरे खराब होने से कंट्रोल रूम में लगे मॉनिटर भी बंद पड़े धूल फांक रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में हर रोज पांच से छह हजार लोग प्रतिदिन आते हैं। इनमें मरीज, तीमारदार और मेडिकल स्टाफ हैं। साथ ही छात्रावास भी परिसर में हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचने और अहम सुराग जुटाने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट समेत इमरजेंसी वार्ड, आईपीडी वार्ड, ओपीडी, फार्मेसी व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर करीब 64 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। इनमें से भी ज्यादातर कैमरे पिछले कई दिनों से खराब हैं।
अक्सर अस्पताल परिसर में तीमारदारों के मोबाइल चोरी या अन्य घटनाएं होती रहती हैं। जब पीड़ित पुलिस या प्रशासन से मदद मांगता है तो सीसीटीवी कैमरे ही बंद मिलते हैं। इससे घटना की खोजबीन भी कर पाना मुश्किल हो जाता है। अब इमरजेंसी गेट के मुख्य द्वार का ही सीसीटीवी कैमरा बीते कई महीनों से खराब पड़ा है। यही स्थिति महिला अस्पताल में लगे ज्यादातर सीसीटीवी कैमरों की है।
केस-1- बीती 17 अप्रैल को शहर कोतवाली क्षेत्र के सैयापुरवा निवासी शिक्षक प्रमोद कुमार का रुपयों से भरा बैग सर्जिकल वार्ड के बाहर से चोरी हो गया था। इसमें पुलिस को कई सीसीटीवी को खंगालना पड़ा, क्योंकि तमाम कैमरे बंद पाए गए। इसी दौरान मुख्य गेट का भी सीसीटीवी कैमरा बंद होने की जानकारी मिली।
केस-2- टड़ियावां थाना क्षेत्र के सखौरा गांव निवासी विद्यावती के रुपये भी छीन गए थे। महिला की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो फिर पता चला कि अस्पताल के कई कैमरे बंद पड़े हैं। हालांकि, अन्य कैमरों से संदिग्धों का अंदाजा हो गया है लेकिन चूक बार-बार सामने आ रही है।
कंट्रोल रूम भी बना शोपीस
परिसर की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए जो कंट्रोल रूम बनाया गया था, वह भी शोपीस बन कर रह गया है। कैमरे खराब होने के कारण निगरानी के लिए लगे मॉनिटर भी बंद पड़े हैं। किसी भी अप्रिय घटना या चोरी की वारदात होने पर जब सुराग जुटाने की बारी आती है, तो पता चलता है कि संबंधित क्षेत्र का कैमरा महीनों से बंद है।
जिम्मेदार बोले-कभी-कभार एक दो बंद हो जाते
मेडिकल कॉलेज में वैसे तो कैमरे चालू हैं, कभी कभार तकनीकी खराबी से एक दो बंद हो जाते हैं तो उन्हें दुरुस्त करा दिया जाता है। मॉनिटर बंद होने के बारे में जानकारी नहीं हैं। अगर तकनीकी समस्या से बंद हैं तो उन्हें तत्काल दुरुस्त करा दिया जाएगा।-डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य