हरदोई। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों की प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षाओं का आयोजन हुआ। दो अलग-अलग बैचों में आयोजित इस परीक्षा के दौरान छात्रों के क्लीनिकल कौशल और विषय ज्ञान का कड़ा परीक्षण हुआ। परीक्षा की शुचिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अन्य जनपदों से आए विशेषज्ञों ने परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद जिले में 100 एमबीबीएस डॉक्टरों का पहला बैच तैयार होने वाला है। इसके बाद इन्हें जूनियर रेजिडेंट के रूप में शासन स्तर से विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में नियुक्त किया जाएगा। एमबीबीएस डॉक्टरों की फाइनल परीक्षा मेडिकल कॉलेज में करवाई गई। परीक्षा को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए 50-50 विद्यार्थियों के दो बैच बनाए गए। इनमें से बृहस्पतिवार को महिला अस्पताल और पीडियाट्रिक विभाग में एमबीबीएस डॉक्टरों की प्रयोगात्मक दक्षता का आकलन किया गया। इस दौरान प्रतापगढ़ और शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज से आए बाह्य परीक्षकों ने परीक्षा प्रक्रिया का गहनता से जायजा लिया। बाह्य परीक्षकों की टीम में शामिल डॉ. जी फफश्या रेड्डी, डॉ. प्रियंका और डॉ. सरिता पांडेय ने विद्यार्थियों से सवाल भी किए। टीम ने कॉलेज की व्यवस्थाओं और परीक्षा के मानकों पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया।
प्रधानाचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि एमबीबीएस फाइनल की परीक्षा मेडिकल कॅरिअर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। परीक्षा के दौरान अनुशासन और मानकों का पूरी तरह पालन किया गया है। इस दौरान डॉ. मधुलिका शुक्ला, डॉ. अभिरव अवस्थी, डॉ. शैली राशिद, डॉ. अमित आनंद व डॉ. कृति मौर्या मौजूद रहीं।