जाति तोड़ो समाज बनाओ सम्मेलन में मौर्य और अर्कवंशी
समाज को एक मंच पर लाने की सहमति बनी है। कुंती नर्सिंग होम में रविवार को
आयोजित सम्मेलन में दोनों समाज को एकजुट होकर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाने की बात कही गई।
अर्कवंशी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और
कुशवाहा महासभा के प्रांतीय अध्यक्ष ने दोनों समाजों के एकजुट होकर आगामी
विधानसभा चुनाव में बड़ी ताकत के रूप में उभरने की बात कही। कुशवाहा महासभा
और अर्कवंशी महासभा का आपस में विलय होने की घोषणा के साथ ही कुंती
नर्सिंग होम में जाति तोड़ो समाज बनाओ सम्मेलन की शुरुआत हुई।
अर्कवंशी
समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी सिंह अर्कवंशी तथा कुशवाहा महासभा के
प्रांतीय अध्यक्ष अजय मौर्य ने कहा कि आगामी पंचायती एवं विस चुनाव में
समाज द्वारा भागीदारी सुनिश्चित होगी। जिसके लिए रणनीति तैयार करनी चाहिए।
कार्यक्रम संयोजक डा. अरुण मौर्य ने कहा कि कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, सैनी
समाज की तरह अर्कवंशी समाज भी शाक्य वंशी है और सम्राट चंद्रगुप्त मार्य को
अपना पूर्वज मानता है।
कहा कि दोनों समाजों के पूर्वज एक हैं, लेकिन
कलांतर में अपने कार्यों के चलते अलग अलग समाज बन गए। उन्होंने कहा कि समय
है कि दोनों समाज एक हों और देश की प्रगति में निर्णायक भूमिका अदा करें।
कहा कि दोनों समाजों के एकजुट होने से राजनीतिक रूप से जनपद के संडीला व
गोपामऊ विधानसभा में एक बड़ी ताकत के रूप में उभरेंगे।
साथ ही निकटवर्ती
जनपद सीतापुर, उन्नाव व लखीमपुर की विस सीटों पर निर्णायक भूमिका अदा
करेगा। संयोजक जनाधिकार मंच आईपी कुशवाहा ने कहा कि संगठित और शिक्षित होकर
समाज को राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से सक्षम बना सकते हैं।
इस मौके पर
धर्मेंद्र कुशवाहा ने पिछड़े वर्ग की एकता पर बल दिया। वीएन मौर्य ने भी
सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन में राजकुमार अर्कवंशी, राजेश कुशवाहा,
राजपाल कुशवाहा, उमाकांत अर्कवंशी, सुनीज सिंह अर्कवंशी आदि थे।