संडीला कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र स्थित मारुति के शोरूम और वर्कशॉप में रविवार रात शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इसमें करीब एक करोड़ रुपये की अत्याधुनिक मशीनें जलकर राख हो गईं।
हरदोई लखनऊ मार्ग पर सरायं मारुफपुर के निकट कानसेप्ट कार्स नाम से मारुति का शोरूम है। इसी परिसर में वर्कशॉप भी है। रविवार रात लगभग एक बजे शॉर्ट सर्किट से वर्कशॉप में आग लग गई। सोमवार तड़के तीन बजे परिसर में रहने वाले सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को आग का पता चला। कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर घटना की जानकारी संडीला के प्रभारी निरीक्षक के साथ ही फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने स्थानीय लोगों की मदद से लगभग दो घंटे बाद आग बुझाई। आग लगने से शोरूम की इमारत चिटक गई। वहीं दूसरी ओर वर्कशॉप में रखे स्पेयर पार्ट्स, एसी फिलिंग मशीन, पेंटिंग मिक्सर मशीन, पेंटिंग मशीन, बॉडीशॉप आदि जलकर राख हो गईं। कानसेप्ट ग्रुप के निदेशक यश अग्रवाल भी सोमवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बॉडी कटिंग सिलेंडर तक पहुंचती आग तो हो जाता विस्फोट
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो बाडी कटिंग सिलेंडर तक आग पहुंचने से पहले ही इसे काबू में कर लिया गया। दरअसल लोहे को काटने के लिए जिन गैसों का इस्तेमाल किया जाता है, वह आग के संपर्क में आते ही विस्फोटक हो जाती हैं। इन्हीं गैसों से भरा सिलेंडर भी वर्कशॉप में रखा हुआ था। गनीमत ये रही कि आग वहां तक नहीं पहुंची।
पेंट मिलते ही भड़क गई आग
शार्ट सर्किट से लगी आग ने वर्कशॉप से ही विकराल रूप धारण कर लिया। वर्कशॉप में ही पेटिंग सेक्शन भी है। इस सेक्शन में डेंटिंग के बाद वाहनों की पेंटिंग की जाती है। पेंट का साथ पाते ही आग भड़क गई।
200 मीटर की दूरी डेढ़ घंटे में हुई तय
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि कानसेप्ट कार्स के कर्मचारियों ने अगिभनशमन विभाग को फोन पर घटना की जानकारी दी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में कर्मचारी घटनास्थल से महज 200 मीटर दूर स्थित अगिभनशमन विभाग के कार्यालय गया और घटना की जानकारी दी। इसके बावजूद 200 मीटर की दूरी तय करने में विभाग के जिम्मेदारों को डेढ़ घंटे का समय लग गया।
सुरक्षित निकाली गईं कारें
शोरूम और वर्कशॉप में 11 कारें खड़ी थीं। इनमें से छह कारें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में थीं, जबकि पांच नई कारें शोरूम में बिक्री के लिए थीं। घटना के समय मौजूद स्टाफ ने सबसे पहले इन्हीं कारों को परिसर के बाहर लाकर खड़ा कर दिया।