मल्लावां (हरदोई)। 50 हजार की आबादी के बीच पालिका की एक टंकी बनीं हुई है, क्षमता से चार गुने कनेक्शन दे दिए गए हैं। कई मोहल्लोें में कई सालों से पानी नहीं पहुंचा है। इस टंकी को भरने के लिए लगे तीन ट्यूबवेल भी बिजली न होने पर बंद हो जाते हैं। कई मोहल्लों में पेयजल पाइप लाइन भी नहीं डाली गई है। इनमें पालिका अध्यक्ष सीमा कनौजिया का मोहल्ला गोवर्धनपुर भी शामिल है।
नगर पालिका क्षेत्र में करीब 50 हजार की आबादी है। इसके पेयजल के लिए 200 किलोलीटर की परिधि में एक टंकी स्थापित की गई। इस टंकी की क्षमता 250 कनेक्शन की है जबकि इससे 900 कनेक्शन दे दिए गए हैं। टंकी को भरने के लिए तीन ट्यूबवेल हैं लेकिन बिजली समय पर न मिलने से टंकी को भरना भी दूभर हो रहा है।
इधर, नगर में करीब 700 हैंडपंप लगे हैं जिनमेें करीब 15 फीसदी खराब पडे़ हैं। इलाकाई लोगों की मानें तो मोहल्ला छत्ताटोला, पपनिया, फत्तेगंज, मोहद्दीनपुर, मिर्जापुर, आंशिक नसरतनगर, बल्लीपुर आदि मोहल्लों में पेयजल लाइन भी नहीं पड़ी। जिन मोहल्लों में पेयजल लाइन पड़ी है वह जर्जर हो गई है। जिससे लोगों के घरों में पालिका का पानी नहीं पहुंच रहा। इधर, गर्मी में कई मोहल्लों में गंदा पानी आने की भी शिकायतें मिल रही हैं।
नगर के दरगाह, सपनिया, मिर्जापुर और ऐठाना मोहल्ले ऊंचाई पर बसे होने के कारण यहां पालिका का पानी भी नहीं पहुुंच पा रहा। हर बार चुनाव में विकास के वादे किए जा रहे हैं लेकिन बाद में जनता के सेवक इलाके में मुड़कर नहीं देखते, जिस कारण आज भी नगर में पेयजल की समस्या गंभीर बनीं हुई है।
तीन टंकियों का भेजा गया प्रस्ताव
मल्लावां। नगर में पेयजल समस्या को अमर उजाला ने उठाया था तो बीते साल तीन नई टंकियों का प्रस्ताव भेजा गया था। इनमें एक टंकी भगवंतनगर में दूसरी रामलीला मैदान गंगारामपुर व तीसरी मोहद्दीनपुर में बनेगी। इसकी पुष्टि विभागीय लिपिक राजेश सिंह ने की।
दादे मियां के उर्स पर आती पेयजल समस्या
मल्लावां। वार्ड संख्या 21 मेें स्थित दादे मियां की मजार पर मई मेें तीन दिवसीय उर्स का आयोजन होता है जिसमें अकीदतमंद शिरकत करते हैं। यहां पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण गर्मी में पेयजल की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है कि दो दशक पहले यहां एक टंकी मंजूर हुई थी लेकिन वह प्रस्ताव भी फाइलों में दब गया।
वर्जन
‘क्षमता से चार गुने अधिक कनेक्शन होने के कारण पानी का प्रेसर कम हो जाता, जिस कारण ऊंचे मोहल्लोें में नहीं पहुंचता। खराब हैंडपंप की शिकायत मिलने पर उन्हें ठीक कराया जा रहा है। नगर में करीब 25 खराब हैंडपंपों में छह रिबोर होने हैं शेष हैंडपंपों की मरम्मत कराई जा रही है’। पीपी तिवारी, एसडीएम/प्रभारीईओ, नगर पालिका परिषद