सवायजपुर। लॉकडाउन में घर लौटे बेरोजगार लोगों के लिए मनरेगा बड़ा सहारा बनी है। कभी कचौड़ी का ठेला लगाने वाले, फैक्टरी में निर्माण कार्य में लगे और सिलाई करने वाले मनरेगा के काम में फावड़ा उठाकर जुटे हैं। उनका कहना है कि परिवार के लिए जो होगा करेंगे।
केस - एक : भरखनी विकास खंड के ग्राम पांडेयपुर निवासी सर्वेश नोएडा में कचौड़ी का ठेला लगाते थे। परिवार का भरण-पोषण आसानी से हो जाता था। लॉकडाउन हुआ तो सर्वेश गांव लौट आए। लंबे समय तक घर में बैठे रहे, लेकिन बीते दिनों गांव में मनरेगा का कार्य शुरू हुआ। अब मनरेगा में सर्वेश काम कर रहे हैं। इससे भरण पोषण आराम से हो जाता है।
केस दो : भरखनी विकास खंड के ग्राम गौरखेड़ा निवासी समरेश कुमार नि:शक्त हैं। वह हरिद्वार में फैक्टरी में कपड़ा कटाई का कार्य करते थे। लॉकडाउन में फैक्टरी बंद हुई तो समरेश बेरोजगार हो गए। मजबूरी में घर लौटे, लेकिन यहां मनरेगा ने उनका साथ दिया। मनरेगा से कराए जा रहे कार्यों में उन्हें भी मजदूरी मिल गई है।
केस तीन : हरिद्वार में नवोदय चौक पर दुकान में सिलाई करने वाले शेर सिंह लॉकडाउन के कारण अपने गांव गौरखेड़ा लौट आए हैं। कुछ दिनों तक घर में रहने के बाद परिवार चलाने की चुनौती आ खड़ी हुई। मनरेगा के तहत गांव में कार्य शुरू हुआ तो उन्होंने भी काम मांगा। अब काम मिलने के बाद परिवार चलाने की चिंता नहीं है।
केस चार : पांडेयपुर निवासी पंचम कुमार दिल्ली में एक फैक्टरी में बाइक के हैंडल के मुट्ठे बनाते थे। लॉकडाउन हुआ तो फैक्टरी में ताला पड़ गया। मजबूरी में घर वापस आए। यहां रोजगार की संभावना तलाश रहे थे और तभी मनरेगा का कार्य शुरू हो गया। पंचम ने कहा कि मनरेगा का काम मिलने से काफी राहत मिली है।
मनरेगा योजना के तहत एक दिन काम करने पर जॉब कार्डधारकों को 202 रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। कार्य दिवस के 15 दिन बाद मजदूरी के रुपये खाते में भेज दिए जाते हैं।
सवायजपुर। भाजपा विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने शुक्रवार को भरखनी विकास खंड के ग्राम पांडेयपुर में चल रहे मनरेगा कार्यों का जायजा लिया। विधायक ने कहा कि गैर जनपदों और प्रदेशों से जो मजदूर वापस आए हैं, उन्हें रोजगार दिया जाएगा।
मनरेगा से अधिक से अधिक कार्य कराया जाएगा। विधायक ने श्रमिकों को एक-एक गमछा और साबुन भी वितरित किया।